ट्रस्ट के मंदिरों में भी भक्तों को आरती में प्रवेश, खड़े रहने की अनुमति नहीं बड़ी संख्या में उमड़े भक्त, कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन
प्रभास पाटण. गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में प्रभास पाटण-सोमनाथ स्थित देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव मंदिर में शनिवार से सवेेरे 6 से रात 10 बजे तक कोविड की सरकारी गाइडलाइनन के पालन की अनिवार्यता के साथ भक्तों के लिए दर्शन की शुरुआत हुई।
सोमनाथ ट्रस्ट के महा प्रबंधक विजयसिंह चावड़ा के अनुसार सोमनाथ महादेव मंदिर में तीनों आरती के समय भी भक्तों को प्रवेश की छूट दी गई है लेकिन मंदिर परिसर में खड़े रहने की अनुमति नहीं दी गई है। मंदिर में दर्शन के लिए शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त उमड़े। इस दौरान शनिवार सवेरे से ही बूंदाबांदी और आसमान में बादल छाए रहने से मौसम खुशनुमा हो गया।
चावड़ा के अनुसार सोमनाथ मंदिर कोविड-19 महामारी के चलते समय-समय पर सरकारी गाइडलाइन के अनुसार दर्शन की व्यवस्था और दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय सवेरे 6 से रात 10 बजे तक रहेगा। वर्तमान में सरकार के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से सोमनाथ मंदिर में आरती-दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को प्रवेश देने का निर्णय किया गया है।
ट्रस्ट के अहल्याबाई मंदिर, भालका मंदिर, श्रीराम मंदिर, गीता मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, भिडिय़ा मंदिर में भी आरती में भक्तों को प्रवेश देने की शुरुआत की गई है। ड्यूटी पर तैनात ट्रस्ट कर्मचारियों, पुलिस, एसआरपी का निर्देश और व्यवस्था के अनुसार लाइन में चलकर आरती में दर्शन करने होंगे, किसी भी मंदिर में आरती के दौरान खड़े रहने, सभागार या नृत्य मंडप में भक्तों को खड़े रहने की अनुमति नहीं दी गई है।
ऑनलाइन, ऑफलाइन पास प्राप्त करने के बाद ही प्रवेश
दर्शन के लिए आने वाले भक्तों व आगंतुकों को कोविड गाइडलाइन के अनुसार अनिवार्य तौर पर मास्क पहनना होगा। प्रवेश द्वार पर तापमान मशीन से तापमान नपवाने के साथ-साथ हैंड सेनेटाइजर से हाथ साफ करने के बाद ही मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश दिया जा रहा है। दर्शन के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन दर्शन पास प्राप्त करने के बाद ही भक्तों को दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। कोविड की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस, एसआरपी, सुरक्षा कर्मचारियों के साथ-साथ मंदिर के कर्मचारियों को भी दर्शन के लिए की गई व्यवस्था में भक्तों को सहयोग करना होगा।