अहमदाबाद

सौनी योजना की पाइपलाइन के नजदीक सौराष्ट्र के जलाशयों को नर्मदा के पानी से भरने के निर्देश

राजकोट. सौराष्ट्र के 5 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए 1074 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया गया है। जलसंपत्ति एवं जलापूर्ति विभाग के राज्यमंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने सौराष्ट्र में पानी की उपलब्धता और आगामी जरूरतों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
2 min read
• •
Updated: 8 Nov 2026, 4:16 PM IST
Directives issued to fill Saurashtra’s reservoirs with Narmada water via the SAUNI Yojana pipeline
अधिकारियों के साथ बैठक करते जलसंपत्ति एवं जलापूर्ति विभाग के राज्यमंत्री ईश्वरसिंह पटेल।

राजकोट. सौराष्ट्र के 5 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए 1074 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया गया है। जलसंपत्ति एवं जलापूर्ति विभाग के राज्यमंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने सौराष्ट्र में पानी की उपलब्धता और आगामी जरूरतों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। राजकोट सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जलापूर्ति विभाग, सिंचाई विभाग और सौनी योजना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री ने कम बारिश वाले क्षेत्रों में आने वाले दिनों में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुओं, बोरवेल सहित पानी के अन्य स्रोतों को सक्रिय कर उनका उपयोग करने पर भी जोर दिया।
मुख्य अभियंता एस.वाइ. मंसूरी ने बताया कि राजकोट जोन-3 के तहत राजकोट, मोरबी, सुरेंद्रनगर, देवभूमि द्वारका और जामनगर सहित 5 जिलों की 39 तहसील और 2,219 गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों की लगभग 79 लाख आबादी को पानी उपलब्ध कराने के लिए 71 फिल्टर प्लांट और 10,854 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का नेटवर्क कार्यरत है।

1800 से अधिक गांवों में नियमित रूप से पानी का वितरण

वर्तमान में 1,800 से अधिक गांवों में नियमित रूप से पानी का वितरण किया जा रहा है। नागरिकों को नियमित और पर्याप्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगभग 575 करोड़ रुपए की लागत के 12 प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसके अलावा 499 करोड़ रुपए की लागत से 11 नए प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई गई है।

देवभूमि द्वारका और जामनगर में वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

राज्यमंत्री ने देवभूमि द्वारका और जामनगर जिलों के संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक कुओं का नवीनीकरण, पंपिंग मशीनरी की क्षमता बढ़ाने और सौनी योजना की पाइपलाइन से कनेक्शन जोड़ने का काम तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी कारणों से पानी नहीं मिलने वाले गांवों की स्थिति और समूह जलापूर्ति योजनाओं की भी समीक्षा की।

जुलाई 2027 तक पानी की उपलब्धता पर चर्चा

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए जुलाई 2027 तक जलाशयों में पानी की उपलब्धता और भंडारण क्षमता पर चर्चा हुई। इस दौरान भादर, शेत्रुंजी और मच्छु सहित प्रमुख जलाशयों तथा सौनी योजना के विभिन्न चरणों और लिंक के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सौराष्ट्र जोन के मुख्य अभियंता एस.जी. पंड्या ने बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में पेयजल की कमी न हो, इसके लिए अग्रिम योजना तैयार की गई है।

नदी गहरी करने और चेकडैम निर्माण कार्यों की समीक्षा

राज्यमंत्री ने राजकोट, मोरबी, सुरेंद्रनगर, पोरबंदर और गिर सोमनाथ सहित विभिन्न जिलों में चल रहे नदी गहरी करने और डिसिल्टिंग कार्यों, बाढ़ सुरक्षा दीवारों के निर्माण, चेकडैम और बैराज बनाने के कार्यों की समीक्षा की। इसके अलावा सौनी योजना के तहत मौजूदा पाइपलाइनों के आसपास स्थित जलस्रोतों को नर्मदा के पानी से जोड़ने की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी जानकारी ली गई। उन्होंने भावनगर सिंचाई योजना सर्किल के अंतर्गत पांच करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की।
000000000000

Updated on:
8 Nov 2026, 4:16 PM IST
Published on: