
अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में रेलवे यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश द्वारा गठित रेलवे फूड विजिलेंस टीम ने अहमदाबाद समेत मंडल के 15 बेस किचन और खानपान संस्थानों पर एक साथ आकस्मिक जांच की। जांच में खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और निर्धारित मानकों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए। रेलवे प्रशासन ने दोषी सेवा प्रदाताओं पर कुल 40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जबकि एक बेस किचन को मौके पर ही बंद करा दिया गया।
शहर के सरसपुर स्थित वोरा का रोजा इलाके में स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस के लिए खाद्य आपूर्ति करने वाले बेस किचन की जांच में यात्रियों को परोसे जाने के लिए रखी बड़ी मात्रा में अवधिपार (एक्सपायर्ड) खाद्य सामग्री मिली। इसमें 369 पैकेट हल्दीराम पोहा, 984 पैकेट हल्दीराम उपमा, 24 पैकेट हल्दीराम छोले मसाला और 6 पैकेट फॉर्च्यून सूजी शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित खाद्य सेवा प्रदाता पर नियमों के उल्लंघन के लिए 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
सरसपुर के डब्बा बाजार स्थित बेस किचन में कमियां मिलने पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया और यूनिट को मौके पर ही बंद करा दिया गया। साबरमती के धर्म नगर बेस किचन पर भी 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। सरसपुर स्थित एक अन्य बेस किचन और गुजरात यूनिवर्सिटी के पास विष्णु एस्टेट बेस किचन में मिली कमियों पर भी 5-5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
गांधीधाम की सपना नगर कॉलोनी स्थित बेस किचन बंद मिलने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। मेहसाणा में माल गोदाम रोड स्थित बेस किचन के बजाय अन्य स्थान से भोजन लिए जाने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। पालनपुर के बेस किचन में कमियां मिलने पर भी एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
विरमगाम के रिफ्रेशमेंट रूम की जांच में प्लेटफॉर्म क्षेत्र में अतिक्रमण, किचन में खराब स्वच्छता, कॉकरोच और मक्खियों की मौजूदगी, गंदे कपड़े से ढका कच्चा वड़ा, अनधिकृत विक्रेता की मौजूदगी तथा कर्मचारियों के यूनिफॉर्म नहीं पहनने जैसी कमियां मिलीं। इस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
डीआरएम ने सभी बेस किचन और खाद्य सेवा प्रदाताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित एवं स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करने, खाद्य सामग्री का उचित भंडारण करने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कचरा निस्तारण, ड्रेनेज, पेस्ट कंट्रोल और आवश्यक रिकॉर्ड के नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए इस तरह की आकस्मिक जांच आगे भी जारी रहेगी।