
अहमदाबाद. अहमदाबाद स्थित सरदार पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार शाम अहमदाबाद से बैंकाक उड़ान भरते समय विमान का टायर फट गया। हालांकि पायलट की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टल गई। विमान में यात्री सुरक्षित हैं। इसके चलते अहमदाबाद आने वाली छह उड़ानों को नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया।
हुआ यूं कि शुक्रवार शाम 7.28 बजे स्पाइस जेट का विमान अहमदाबाद से बैंकाक के लिए उड़ान भरने वाला था तभी रन वे पर टायर फट गया, लेकिन पायलट ने सतर्कता बरती और विमान को संभाल लिया। इसके चलते रन-वे पर विमानों का आवागमन ठप हो गया। बाद में अहमदाबाद एयरपोर्ट आने वाले विमानों को नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। बेंगलुरू-अहमदाबाद को वडोदरा, मुंबई-अहमदाबाद को वडोदरा, दिल्ली-अहमदाबाद को वडोदरा, मुंबई-अहमदाबाद को वडोदरा, जयपुर-अहमदाबाद को जयपुर , कोलकाता-अहमदाबाद को जयपुर और मुंबई-अहमदाबाद को मुंबई एयरपोर्ट डायवर्ट किया गया। वहीं अहमदाबाद से प्रस्थान करने वाले विमान उड़ान नहीं भर सके। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण-अहमदाबाद के निदेशक मनोज गंगल के मुताबिक इस विमान में 188 यात्री सवार थे जो सुरक्षित हैं। इन यात्रियों को विमान से उतार लिया गया। बाद में रन-वे से इस विमान को हटाने की कार्रवाई की गई।
नशीला ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी
अहमदाबाद. राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने वलसाड में एक फैक्ट्री पर दबिश देकर प्रतिबंधित नशीला ड्रग्स बनाने का पर्दाफाश किया है, जहां से 6.7 करोड़ रुपए नशीली टैबलेट््स और कैप्सूल, 2129 किलोग्राम लूज नशीली कैप्सूल व टैबलेट्स और 870 किलोग्राम ट्रैमाडोल हाइड्रोक्लोराइड सॉल्ट और मशीनरी जब्त की। मध्य-पूर्वीय देशों में वार जोन में आईएसआईएस आतंकी इस नशीला ड्रग्स काफी इस्तेमाल करते हैं। इस आरोप में दो व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई-जोनल यूनिट को जानकारी मिली थी कि वलसाड के सरीगांव में एक फार्मास्युटिकल कंपनी नारकोटिक्स ड्रग्स एंड सायकोट्रोपिक सबस्टेन्सेज (एनडीपीएस) के तहत मादक पदार्थ का अवैध तरीके से उत्पादन करती है। इसके मद्देनजर ही डीआरआई-सूरत और वापी की टीमों ने उस कंपनी पर दबिश दी। इन टीमों ने मौके से 6.7 करोड़ ट्रैमाडोल टेबलेट्स व कैप्सूल, 2129 किलोग्राम लूज टै्रमाडोल टेबलेट्स व कैप्सूल एवं 870 किलोग्राम ट्रैमाडोल हाइड्रोक्लोराइड सॉल्ट बरामद किया। इसके अलावा यह नशीला पदार्थ बनाने वाली मशीनरी भी जब्त की। ट्रैमाडोल की नाइजीरियरा और घाना जैसे देशों में खासी मांग है। साथ ही मध्य-पूर्वीय देशों के वार जोन में आईएसआईएस आतंकी भी यह काफी इस्तेमाल करते हैं। इस ड्रग्स का फाइटर ड्रग् भी कहते हैं। फिलहाल डीआरआई मामले की जांच कर रही है।