जूनागढ़ सरकारी पॉलिटेक्निक के प्रोफेसर को मिला राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड। राष्ट्रपति ने नई दिल्ली में किया सम्मानित।
बच्चों को एक श्रेष्ठ नागरिक और सफल व्यक्ति बनाने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसा ही कुछ योगदान गुजरात के जूनागढ़ जिले की सरकारी पॉलिटेक्निक के प्रोफेसर रणजीत कुमार परमार का है। अंग्रेजी भाषा में कमजोर गुजराती बच्चों की समस्या को समझते हुए उन्होंने इसका ऐसा तोड़ निकाला कि आज बच्चे आसानी से अपनी पढ़ाई को पूरा कर रहे हैं।
उनके ऐसे ही अनूठे कार्यों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रो. परमार को राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड (उच्च शिक्षा संस्थान एवं पॉलिटेक्निक श्रेणी) से सम्मानित किया। इस श्रेणी में देश के 16 श्रेष्ठ शिक्षकों में वे गुजरात से अकेले हैं। इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग के प्रो.परमार ने डिप्लोमा इंजीनियरिंग के अंग्रेजी भाषा के जटिल टॉपिक को विद्यार्थियों के लिए आसान गुजराती भाषा में समझाते हुए उसके एनिमेशन वीडियो तैयार किए हैं। बीते 5 सालों में उन्होंने अपने सह कर्मियों की मदद से 100 एनिमेटेड वीडियो बनाए हैं। इससे पॉलिटेक्निक के ग्रामीण और कमजोर आर्थिक-सामाजिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों का पढ़ाई को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने यह कार्य शुरू किया। इसके लिए सॉफ्टवेयर भी सीखा। ये वीडियो यूट्यूब और सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। जहां से इसे कोई भी देख सकता है, उनसे सीख सकता है।
प्रो.परमार बताते हैं कि संबंधित पाठ्यक्रम की पाठ्यपुस्तकें आसानी से नहीं मिल पाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को यह समस्या ज्यादा होती है। ऐसे में उन्होंने सरकारी पॉलिटेक्निक जूनागढ़ में पुस्तक बैंक शुरू की।
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