-स्टेट मॉनीटरिंग सेल की अहमदाबाद, महेसाणा, सूरत में कार्रवाई, थाने की मंजूरी के बाद चार माह में 12 केस, 25 को पकडा, गृह राज्यमंत्री ने की सराहना
Ahmedabad. गुजरात में नशे का कारोबार कर युवाओं को बर्बाद करने की कोशिश में जुटे गिरोहों के विरुद्ध गुजरात सरकार ने सख्ती दिखाई है। गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनीटरिंग सेल (एसएमसी) ने बीते 24 घंटों में अहमदाबाद, महेसाणा और सूरत में एनडीपीएस के तहत तीन केस दर्ज करते हुए छह आरोपियों को पकड़ा है। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने एसएमसी की कार्रवाई की सराहना की है।
संघवी ने कहा कि एसएमसी पुलिस स्टेशन को मंजूरी मिलने के बाद चार महीनों में 12 बड़े एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) केस दर्ज करते हुए 25 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें दो विदेशी (नाइजीरियन) भी हैं। इनसे 4.14 करोड़ रुपये की ड्रग्स और 100 करोड़ रुपए कीमत की कोकीन, एमडी ड्रग्स, मेफेड्रोन, गांजा, अफीम एल्कलॉइड जैसे मादक पदार्थ जब्त किए हैं।
डीजीपी विकास सहाय के सीधे मार्गदर्शन में कार्यरत एसएमसी के डीआईजी निर्लिप्त राय एवं उनकी टीम ने 24 घंटे में अहमदाबाद के जुहापुरा, मेहसाणा और सूरत शहरों तीन केस करने को सराहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से गुजरात राज्य को नशा मुक्त बनाने के राज्य सरकार के निर्णायक लक्ष्य को गति मिलेगी।
एसएमसी के उपाधीक्षक के टी कामरिया ने बताया कि रविवार को टीम ने अहमदाबाद के जुहापुरा इलाके में ब्लू वॉटर टावर में दबिश देकर 97.97 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की है, जिसकी कीमत 9.79 लाख है। चार फोन, दो वाहन सहित 23.78 लाख का मुद्दामाल जब्त किया है। अल्ताफ शेख (35), पार्थ पटेल (34) को पकड़ा है। अल्ताफ टावर में ड्रग्स बेच रहा था, पार्थ लेने पहुंचा था। राजस्थान निवासी मामा नाम का आरोपी फरार है।
एसएमसी की टीम ने शनिवार देर रात सूरत जिले की पलसाणा तहसील में जोल्वा गांव स्थित आराधना ब्लॉक में दबिश देकर तीन लोगों को पकड़ा। उनसे 14 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 1.40 लाख रुपए है। तीन फोन, दो वाहन सहित 4.71 लाख का मुद्दामाल जब्त किया है। पकड़े गए आरोपियों में रत्नाकर सवाई (29), राजू पटेल (45), अभिषेक पांडे (25) शामिल हैं।
एसएमसी ने महेसाणा जिले में वडनगर रोड के सिपोर गांव से 17 किलो गांजा के साथ बाबूशा फकीर (61) को पकड़ा है। विसनगर वडनगरी दरवाजा निवासी फकीर को राजस्थान से साहिद रफीक ने गांजा भेजा था। कुल चार आरोपी फरार हैं।