
गुजरात राज्य में बारिश की स्थिति इस बार बेहद असमान रही है। अब तक प्रदेश में 26.94 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जो औसत मौसमी बारिश का 75.30 फीसदी है। बीते साल 31 अगस्त तक हुई बारिश की तुलना में इस बार बारिश 14.62 फीसदी कम है। दक्षिण गुजरात में मानसून मेहरबान रहा, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ के कई हिस्से अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में आइएमडी ने गुजरात के कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
पिछले दस वर्षों में सितंबर महीने में औसतन बारिश 7.55 इंच होती है, लेकिन साल-दर-साल इसमें बड़ा उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।क्षेत्रवार देखें तो इस साल दक्षिण गुजरात में मौसम की औसतन बारिश 103.54 फीसदी, पूर्व-मध्य गुजरात में 74.92, उत्तर गुजरात में 56.23, सौराष्ट्र में 56.01 और कच्छ में महज 29.29 फीसदी बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति देवभूमि द्वारका जिले की है, जहां मौसम की औसतन बारिश का केवल 6.41 फीसदी पानी बरसा है। पोरबंदर में 18.12 और जामनगर में 28.88 फीसदी बारिश दर्ज हुई है।
राज्य के प्रमुख 206 जलाशयों में क्षमता का 66.32 फीसदी पानी का संग्रह हो चुका है। इनमें 26 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं और 37 हाई अलर्ट पर हैं। सरदार सरोवर (नर्मदा) बांध कुल क्षमता का 87.62 फीसदी, उकाई 78.37, करजण 73.86, मच्छू-2 बांध 71.72 और दमण गंगा बांध क्षमता का 69.64 फीसदी भर गया। शे़त्रुंजी बांध 100 फीसदी भर गया है। नवसारी के जूझ-केलिया और भरूच के धोली बांध में ओवरफ्लो की स्थिति है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
राज्य में 78.55 लाख हेक्टेयर में खरीफ बुवाई हो चुकी है, जो सामान्य क्षेत्र का 92.08 फीसदी है। मूंगफली 27.11 लाख, सोयाबीन 3.03 लाख, तुअर 2.71 लाख और उड़द 89,531 हेक्टेयर में बोई गई है।