
एआई तस्वीर
Gujarat Drowning: आणंद जिले की खंभात तहसील के शकरपुर गांव में रविवार शाम दर्दनाक हादसे में तीन सगी बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। तीनों बहनें तालाब के किनारे कागज की नावें बनाकर पानी में तैरा रही थीं। इसी दौरान एक बहन का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए दूसरी और फिर तीसरी बहन भी पानी में उतर गई। देखते ही देखते तीनों करीब 30 फीट गहरे पानी में डूब गईं।
जानकारी के अनुसार शकरपुर गांव के मोसम फलिया निवासी अश्विन बारैया की तीन बेटियां रिया (13), आशा (11) और रीना (9) रविवार देर शाम गांव के पास स्थित तालाब के किनारे गई थीं। तीनों शौच के लिए घर से निकली थीं। तालाब के पास पहुंचने के बाद वे कागज की छोटी-छोटी नावें बनाने लगीं और उन्हें पानी में तैराकर खेल रही थीं। इसी दौरान खेलते समय अचानक एक बच्ची का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गई। बहन को डूबता देख दूसरी बच्ची उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गई।
पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण वह भी डूबने लगी। दोनों बहनों को पानी में संघर्ष करते देख तीसरी बहन भी उन्हें बचाने के लिए तालाब में उतर गई। कुछ ही देर में तीनों बहनें गहरे पानी में डूब गईं। बताया गया कि तालाब के इस हिस्से में पानी करीब 30 फीट गहरा था। हादसे के बाद काफी देर तक तीनों बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों को चिंता होने लगी। उन्होंने आसपास के इलाके में उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों को तालाब के किनारे कागज की नावें दिखाई दीं।
इससे आशंका हुई कि बच्चियां तालाब में उतरने के बाद डूब गई होंगी। इसके बाद स्थानीय तैराकों को बुलाया गया। तैराकों ने तालाब में उतरकर बच्चियों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद एक-एक करके तीनों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाले गए। तीनों बच्चियों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक ही परिवार की तीन बेटियों की एक साथ मौत से गांव में भी मातम छा गया।
सूचना मिलने पर खंभात ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों बच्चियों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार दोपहर शव परिजनों को सौंप दिए गए। सोमवार को जब तीनों बच्चियों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली तो पूरा गांव गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए। परिजनों के विलाप से माहौल बेहद दुखद हो गया। तीनों बहनों की एक साथ मौत से शकरपुर गांव में गहरा दुख है। गांव के कई घरों में सोमवार को चूल्हे तक नहीं जले। ग्रामीणों ने नम आंखों से तीनों बहनों को अंतिम विदाई दी।
Updated on:
31 Aug 2026 06:14 pm
Published on:
31 Aug 2026 06:13 pm
