
अहमदाबाद. भारत सरकार के नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में 2 से 5 नवंबर तक भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 होगा। उससे पहले गुरुवार को शहर में मंत्रालय की ओर से रोड शो किया गया। इसमें बताया गया कि देश में 52 गीगा वॉट स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ गुजरात पवन ऊर्जा में पहले और सौर ऊर्जा में दूसरे नंबर पर है। इस दौरान राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की क्लीन एनर्जी बनाने की क्षमता दिखाई गई।
नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एनएसईएफआइ) के साथ नॉलेज पार्टनरशिप में आयोजित रोड शो में गुजरात फेडरेशन ऑफ़ सोलर इंडस्ट्रीज़ (जीएफएसआइ) ने सहयोग किया। समिट एंड एक्सपो इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आइएसए) असेंबली के 9वें सेशन और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (आइसीजीएच) के साथ होगा, इसमें दुनिया भर के नेता, पॉलिसीमेकर्स, उद्योग, निवेशक और इनोवेटर्स एक प्लेटफॉर्म पर आएंगे।
भारत सरकार के ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि गुजरात ने 2030 तक 105 गीगा वॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। रेगिस्तानी इलाकों में सोलर पार्क बने, पवन ऊर्जा के साथ आज राज्य ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज, ऑफशोर विंड और क्लीन एनर्जी जेनरेशन जैसे नए क्षेत्र में आगे है। उन्होंने गुजरात को अपने प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी, निवेश के मौकों और उम्मीदों के साथ नई दिल्ली में होने वाले इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट और एक्सपो में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया।
राज्य के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि हमारी नवीकरणीय ऊर्जा की यात्रा पर्यावरण के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी से बहुत करीब से जुड़ी हुई है। हम पहले से ही पर्यावरण को हो रहे नुकसान और बढ़ते तापमान के नतीजे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 17.82% का योगदान गुजरात देता है। गुजरात आज देश के नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन सेक्टर के लिए एक बढ़ते हुए हब के तौर पर उभर रहा है।