
अहमदाबाद. गुजरात पुलिस ने शनिवार को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले एक राज्यव्यापी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में मोरबी, अहमदाबाद, सूरत में अलग -अलग जगहों पर दबिश देकर ६ आरोपियों को पकड़ा है। इनके पास से १.६१ करोड़ रुपए कीमत के ३३७१ इंजेक्शन, 9० लाख की नकदी बरामद की गई है। कुल दो करोड़ ७३ लाख से अधिक का मुद्दामाल जब्त किया है।
गृहराज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा, एसीएस होम पंकज कुमार और डीजीपी आशीष भाटिया ने संवाददाताओं को बताया कि मोरबी में नकली इंजेक्शन बेचने की सूचना पर मोरबी पुलिस ने मोरबी क्रिष्णा चैम्बर में ओम एन्टिक जोन नाम की ऑफिस में दबिश देकर राहुल कोटेचा, रविराज लुवाणा को को ४१ नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन और २.१५५ लाख नकदी के साथ पकड़ा। मोरबी सिटी बी डिवीजन थाने में प्राथमिकी दर्ज की।
इस मामले में आरोपियों की पूछताछ में सामने आया कि वो ये नकली इंजेक्शन अहमदाबाद के रहने वाले आसिफ के पास से लेकर आए थे। ये खुलासा होने पर मोरबी एलसीबी की एक टीम अहमदाबाद पहुंची और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के एसीपी डी पी चुड़ास्मा व उनकी टीम की मदद से जुहापुरा में दबिश देकर मो. आसिम उर्फ आसिफ तथा रमीज कादरी को पकड़ लिया। आरोपियों के मकान से ५६ लाख रुपए से ज्यादा कीमत के 11७० नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए। इसके अलावा इंजेक्शन बेचकर जुटाए गए १७ लाख ३७ हजार रुपए जब्त किए गए।
इन दोनों आरोपियों की पूछताछ में सामने आया कि वे इन इंजेक्शनों को सूरत के रहने वाले कौशल वोरा के पास से लाए थे। जिस पर एक टीम को सूरत भेजा और सूरत क्राइम ब्रांच के एसीपी आर आर सरवैया की टीम की मदद से सूरत जिले की ओलपाड तहसील के पिंजरात स्थित फार्म हाऊस पर दबिश दी। फार्म हाऊस से कौशल वोरा, उसका पार्टनर पुनित शाह को पकड़ लिया गया।यहां से १६० नकलीरेमडेसिविर इंजेक्शन ,७४.७० लाख की नकदी बरामद की गई। इस फार्म हाऊस से रेमडेसिविर इंजेक्शन की ६३ हजार कांच की शीशी बरामद हुईं। इसके अलावा इन शीशियों पर लगाने के लिए रखे ३० हजार स्टीकर, शीशी को सील करने वाली मशीन बरामद की गई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मुंबई की एक प्रिंटिंग प्रेस में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के स्टीकर प्रिंट करवाए थे। इसके अलावा कौशल की ओर से अहमदाबाद भेजे गए ९६ लाख कीमत के २००० नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन भी जब्त किए गए हैं। इसे किराए की कार में लेकर जाने वाला सिराज उर्फ राजू पठान फरार हो गया। मामले की जांच मोरबी एसओजी पीआई जे एम आल को सौंपी है।
ग्लूकोज और नमक मिलाकर बना रहे थे नकली इंजेक्शन
आरोपियों की पूछताछ और प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी जिस इंजेक्शन को रेमडेसिविर के नाम पर २५०० और २० हजार रुपए कीमत पर बेचते थे। वह नकली थे। उसे आरोपी ग्लूकोज और नमक को मिश्रित करके बनाते थे। अब तक ये करीब ५ हजार इंजेक्शन बेच चुके हैं।