
अहमदाबाद में जांच के दौरान मिला कोडेन युक्त दवा का बड़ा स्टॉक। इसकी बिक्री पर लगाई रोक।
Ahmedabad. गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियमन प्रशासन (एफडीसीए) की ओर से कोडीन घटक वाली दवाओं के अवैध उपयोग और अनधिकृत बिक्री पर नकेल कसने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया गया है।
गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रफुल पानशेरिया ने मंगलवार को कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। एफडीसीए की ओर से अभियान छेड़ा गया है। राज्य में सात कंपनियों को नियमों की अनदेखी पर नोटिस दिया है, जबकि एक कंपनी की परमिट रद्द कर दी है।
उन्होंने कहा कि एफडीसीए की ओर से अहमदाबाद, महेसाणा, गांधीनगर में जांच की गई। इसमें अहमदाबाद ग्रामीण क्षेत्र में स्थित बालाजी फार्मा में जांच के दौरान कप सिरप की 37762 बोतल मिलीं, जिसकी कीमत 83 लाख से अधिक है। इस स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी है। नियमों की अनदेखी पर नोटिस जारी किया है। पानशेरिया ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसी दवाओं का उपयोग केवल मान्य चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन और कानूनी प्रक्रिया से ही हो। टीम ने गांधीनगर के कलोल की हेल्थ प्वाइंट फार्मा का परमिट रद्द कर दिया है। कंपनी ने जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।
अहमदाबाद के चांगोदर में स्थित फार्मालिन लाइफ साइसेंज को भी नोटिस जारी किया गया है। इसमें दवाओं की खरीद, बिक्री के बिल और अन्य कमियां मिली हैं। सांतेज की रेन रेमेडीज को भी रिकॉर्ड खामियों के चलते नोटिस दिया है। वहीं एचआरडीएम ग्लोबल सॉल्यूशन्स और कठवाडा स्थित कृष्णा फार्मा को भी नोटिस जारी किया गया है। जय अंबे डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां भी कफ सिरप की 57 बोतलें मिली हैं, इसकी बिक्री पर भी रोक लगाई है। महेसाणा जिले की विसनगर तहसील में स्थित कैपिटल फार्मा को कोडीनयुक्त दवाओं के व्यापार, नियमों की अनदेखी पर नोटिस दिया है।
Updated on:
8 Sep 2026, 10:31 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 10:31 PM IST
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