अहमदाबाद

Republic Day 2023 परेड: पीपल्स चॉइस अवार्ड में गुजरात की झांकी अव्वल

Gujarat tableau got first position in people's choice award -क्लीन-ग्रीन एनर्जी युक्त गुजरात की थीम पर सजाई गई थी गुजरात की झांकी  

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गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय परेड: पीपल्स चॉइस अवार्ड में गुजरात की झांकी अव्वल

अहमदाबाद. 74वें गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय परेड में शामिल गुजरात की झांकी (गुजरात के टैब्लो) को पीपल्स चॉइस अवार्ड मे पहला स्थान प्राप्त हुआ है। 30 प्रतिशत वोट शेयर के साथ यह झांकी राष्ट्रीय उत्सव एवं परेड में शामिल देश के 17 राज्यों, 6 मंत्रालयों की विभिन्न झांकियों में अव्वल रही। गुजरात सरकार की च्क्लीन ग्रीन एनर्जी युक्त गुजरात थीम की झांकी को देशभर के लोगों ने पसंद किया है।
वर्ष 2022 से भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने 'मायजीओवी प्लेटफॉर्मज् के माध्यम से देश की आम जनता से मत प्राप्त कर परेड में भाग लेने वाली सैन्य टुकडिय़ों में श्रेष्ठ टुकड़ी तथा राज्यों द्वारा प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक झांकियों में श्रेष्ठ झांकी का पीपल्स चॉइस अवार्ड देना शुरू किया है। इस वर्ष 26 से 28 जनवरी, 2023 के दौरान हुई ऑनलाइन वोटिंग में कुल पड़े मतों में 30 प्रतिशत वोट गुजरात की झांकी को प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने इस वर्ष की परेड में क्लीन एण्ड ग्रीन एनर्जी युक्त गुजरात की झांकी दर्शाने वाला टैब्लो प्रस्तुत किया था। मुख्यमंत्री ने इस जीत को गुजरात के प्रत्येक नागरिक की जीत बताया।
यह अवार्ड मंगलवार 31 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने गुजरात सरकार की सूचना एवं प्रसारण सचिव एवं मुख्यमंत्री की सचिव अवंतिका सिंह तथा सूचना निदेशक आर. के. मेहता को प्रदान किया। टैब्लो की प्रस्तुति में सूचना उप निदेशक पंकजभाई मोदी तथा संजय कचोट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

टैब्लो में थी सौर गांव, एनर्जी पार्क की झलक
टैब्लो में कच्छ के खावडा में आकार ले रहे विश्व के सबसे विशाल हाईब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के जरिए सर्वप्रथम देश के पहले सौर ऊर्जा गांव का दर्जा पाने वाले मोढेरा गांव, कुसुम योजना के माध्यम से सोलर रूफ़टॉप से ऊर्जा उत्पादन से राज्य में हुई ऊर्जा क्रांति को प्रदर्शित किया गया था। साथ ही कच्छ के विविधतापूर्ण परिवेश, भूंगा (झोंपड़ी), सफ़ेद रण, मिट्टी के कलात्मक लेपन, रेगिस्तानी वाहन ऊंट तथा गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर रास-गरबा को भी दर्शाया गया था।

Published on:
31 Jan 2023 09:34 pm
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