गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर की घोषणा, छोटे व्यवसाय करने वालों को भी होगा फायदा।
गुजरात में इन दिनों बारिश हो रही है। नवरात्रि के दिनों में भी बारिश का खतरा है। इस खबर से मायूस खेलैयाओं के लिए गुजरात सरकार ने शनिवार को महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत खेलैया देर रात तक गरबा खेल सकेंगे। यूं तो अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त सहित राज्य के अन्य पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षकों की ओर से जारी किए गए गरबा के दिशा निर्देशों में रात 12 बजे तक ही गरबा, डीजे, लाउड स्पीकर बजाने की छूट देने की बात कही गई है। उसके बाद गरबा खेलने पर रोक है।
शनिवार को गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने महाराष्ट्र में एक न्यूज चैनल पर इस संबंध में अहम घोषणा की। उन्होने कहा कि गरबा गुजरात की पहचान है। गुजरात के लोग सुबह पांच बजे तक भी गरबा खेल सकते हैं। उसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर जारी किए दो मिनट 21 सेकेंड के वीडियो संदेश में कहा कि गुजरात में बीते वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी भूपेंद्र पटेल की सरकार ने देर रात तक लोगों को गरबा खेलने की मंजूरी दी है। इस संबंध में पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। भक्ति और शक्ति, माता की आराधना के इस उत्सव के नौ दिनों में पुलिस प्रशासन भी लोगों की भावनाओं को देखते हुए अतिरिक्त ड्यूटी करेगा।
संघवी ने कहा कि नवरात्रि के दिनों में देर रात तक गरबा खेले जाने की छूट देने के साथ-साथ देर रात तक होटल, रेस्टोरेंट, छोटे दुकानदार, स्टॉल लगाने वाले लोग भी व्यवसाय कर सकेंगे। इन सब के साथ घूमकर सामान की बिक्री करने वालों की भी सरकार ने चिंता की है। व्यापारी अच्छे से व्यापार कर सकें और खेलैया मन भर कर गरबा खेल सकें इसके लिए यह निर्णय किया गया है। इस संबंध में पुलिस को भी सूचना दे दी है।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि लोग नवरात्रि के नौ दिनों में देर रात तक गरबा तो खेल सकते हैं, लेकिन खेलैया और आयोजक इस बात का ध्यान रखें कि उनके म्यूजिक, डीजे, साउंड सिस्टम से वहां रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।
गुजरात सरकार के इस निर्णय से गरबा आयोजकों में खुशी का माहौल है। एक गरबा आयोजक प्रतीक अमीन ने कहा कि रात 12 बजे बाद भी देर रात तक गरबा खेलने देने की राज्य सरकार की घोषणा काफी सराहनीय है। इससे आयोजक खुश हैं, क्योंकि बारिश इस साल भी खलल डाले ऐसी स्थिति है। ऐसे में इस निर्णय से आयोजकों को राहत मिलेगी।