अहमदाबाद

अवैध क्लीनिकल ट्रायल मामला: निलंबित चिकित्सक ने कहा, नहीं किया गंभीर अपराध

अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित शहर के वीएस अस्पताल में अवैध क्लीनिकल ट्रायल के मामले में निलंबित किए गए फार्माकोलॉजी विभाग के डॉ. देवांग राणा ने अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित मेडिकल एजुकेशन ट्रस्ट (एएमसी मेट) को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि क्लीनिकल रिसर्च मामले में उनका कोई गंभीर अपराध नहीं है। लेन-देन में किसी तरह की […]

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V.S. hospital file photo

अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित शहर के वीएस अस्पताल में अवैध क्लीनिकल ट्रायल के मामले में निलंबित किए गए फार्माकोलॉजी विभाग के डॉ. देवांग राणा ने अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित मेडिकल एजुकेशन ट्रस्ट (एएमसी मेट) को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि क्लीनिकल रिसर्च मामले में उनका कोई गंभीर अपराध नहीं है। लेन-देन में किसी तरह की अनियमितता नहीं की है।

मनपा आयुक्त, डीन के आदेश से संभाली जिम्मेदारी

वर्ष 2021 में मनपा आयुक्त और एनएचएल मेडिकल कॉलेज के डीन के आदेश से क्लीनिकल ट्रायल की जिम्मेदारी संभाली थी। डीन और वीएस अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक की मंजूरी से क्लीनिकल ट्रायल होते रहे। इस संबंध में लेनदेन की उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं थी। जितने भी ट्रायल किए गए हैं, उनकी जानकारी दी गई और सभी ट्रायल नियमानुसार किए गए हैं।

500 मरीजों पर ट्रायल का है आरोप

वीएस अस्पताल में 500 मरीजों पर 58 क्लीनिकल ट्रायल किए गए। भनक लगते ही तत्काल जांच कमेटी बिठाई गई और प्राथमिक रूप से गड़बड़ी मिलने पर फार्माकॉलोजी विभाग के चिकित्सक डॉ. देवांग राणा को निलंबित कर दिया। अन्य आठ चिकित्सकों की सेवा समाप्त कर दी। तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष पटेल व अन्य के विरुद्ध जांच के निर्देश दिए हैं।

Published on:
22 Apr 2025 10:12 pm
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