गांधीधाम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया, हमारी संस्कृति-हमारा परिवार विषय पर प्रवचन गांधीधाम. जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें आचार्य महाश्रमण की निश्रा में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।अमर पंचवटी के परिसर में बने महावीर आध्यात्मिक समवसरण में हमारी संस्कृति-हमारा परिवार प्रवचन में आचार्य ने कहा कि आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। […]
गांधीधाम. जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें आचार्य महाश्रमण की निश्रा में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
अमर पंचवटी के परिसर में बने महावीर आध्यात्मिक समवसरण में हमारी संस्कृति-हमारा परिवार प्रवचन में आचार्य ने कहा कि आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। दुनिया में पुरुषों का महत्त्व है तो महिलाओं की अपनी उपयोगिता और महत्ता हो सकती है। तेरापंथ परंपरा में उन्नीसवें तीर्थंकर मल्लीनाथ भगवान को महिला के रूप में स्वीकार किया गया है। महिला मण्डल है, कन्या मण्डल है, बेटी तेरापंथ की के नाम से भी एक उपक्रम चल रहा है।
आचार्य ने कहा कि संस्कारों को मजबूत बनाने में माताओं का बड़ा योगदान हो सकता है। बच्चों की एक स्कूल तो उसकी मां हो सकती है, उसके पिता हो सकते हैं। परिवार में संस्कृति कैसे रहे और वह सुरक्षित रहे, इसका ध्यान देना आवश्यक है। संस्कृति की सुरक्षा में साहित्य की बहुत विशेष भूमिका होती है।
महिलाओं में आध्यात्मिक, तात्विक विकास होता रहे। बच्चों में अच्छे संस्कार और पुरुषों में भी अच्छे संयम का क्रम रहे, इसके लिए महिलाएं जितना प्रयास कर सकें, उन्हें करने का प्रयास करना चाहिए। इस दिन महिलाओं को कुछ चिंतन करने, नया करने का अवसर मिल सकता है। धार्मिक साधना जीवन में बढ़ती रहे, जीवन में किसी के आध्यात्मिक-धार्मिक उपकार का प्रयास होता रहे। महिलाएं उन्नति की दिशा में आगे बढ़ती रहें। साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर गांधीधाम की विधायक मालती महेश्वरी ने आचार्य के दर्शन कर अपनी अभिव्यक्ति दी।