
अहमदाबाद. कोरोना संक्रमण के बीच मंगलवार से शुरू हुई जेईई मेन्स परीक्षा के पहले दिन के पेपर में गणित के प्रश्नों ने विद्यार्थियों की जमकर दिमागी कसरत कराई। पेपर औसतन सरल था। कोरोना के चलते हो रहे विरोध के बीच विद्यार्थियों ने कहा कि ये परीक्षा होनी जरूरी थी और होनी भी चाहिए।
अहमदाबाद के खोखरा इलाके से बोपल परीक्षा केन्द्र पर जेईई मेन्स (बीआर्क, बीटेक) के लिए परीक्षा देने पहुंचे योगेश गुप्ता बताते हैं कि पेपर में गणित के प्रश्नों ने थोड़ी दिमागी कसरत कराई। एप्टीट्यूट सेक्शन काफी सरल था। उन्होंने बीआर्क और बीटेक दोनों कोर्स के लिए परीक्षा दी है। परीक्षा के विरोध के बारे में योगेश ने कहा कि अब तो परीक्षा होनी ही चाहिए ताकि विद्यार्थियों का साल नहीं बिगड़े। अप्रेल में होने वाली परीक्षा अगस्त में ली गई है। इतना समय पहले ही विद्यार्थियों को मिल गया और देरी से वर्ष बिगड़ सकता है। ज्यादातर विद्यार्थी पहुंचे थे, किसी में डर नहीं दिखा। वे भी नहीं डरे क्योंकि इंतजाम बेहतर थे। एक अन्य परीक्षार्थी साहिल पटेल का कहना था कि पेपर सरल था। परीक्षा केन्द्र पर इंतजाम बेहतर थे।
परीक्षार्थी आनंद शाह का भी कहना था कि विद्यार्थियों का साल खराब नहीं होना चाहिए। सालभर मेहनत की है ऐसे में परीक्षा में और देरी नहीं होनी चाहिए। पहले से ही काफी देर हो चुकी है।
दूर था केन्द्र तो जल्द निकले, बस से पहुंचे
योगेश बताते हैं कि उनके घर से परीक्षा केन्द्र करीब 26 किलोमीटर दूर था। इसलिए वे सुबह चार बजे ही उठ गए थे और जल्दी चल दिए। आठ बजे केन्द्र पर रिपोर्टिंग थी। बस से पहुंचने के बाद केन्द्र ढूंढने में थोड़ी दिक्कत हुई। केन्द्र पर इंतजाम काफी बेहतर थे।
गुजरात से शिरकत कर रहे हैं 38 हजार परीक्षार्थी
एनटीए के अनुसार गुजरात में अहमदाबाद, गांधीनगर, आणंद, भावनगर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़, महेसाणा, सूरत, वडोदरा, वापी, वलसाड, हि मतनगर में 32 जगहों पर 38 हजार 507 विद्यार्थी परीक्षा देंगे।