व्यसनमुक्त समाज का निर्माण करने पर कैंसर को परास्त करना संभव
राजकोट. सौराष्ट्र में विशेषतौर पर मुंह और गले का कैंसर अधिक होता है। इसका मुख्य कारण पान, गुटके, बीड़ी-सिगरेट का अधिक सेवन है। राजकोट के कान-नाक-गला रोग के शल्य चिकित्सक (इएनटी सर्जन) डॉ. हिमांशु ठक्कर ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कैंसर के मुख्य चिन्हों में मुंह और जीभ पर एक महीने से अधिक समय तक छालों में मवाद पडऩा है। आवाज में बदलाव, भोजन करने में होने वाली परेशानी, गले में गांठ, जुबान से रक्त बहना आदि समस्या हो या व्यसन करने वाले मरीजों को विशेषतौर पर जल्दी निदान करवाना चाहिए।
इसके साथ ही स्वयं और परिवार की भलाई के लिए मन से निर्धारित कर सकते किसी भी प्रकार का व्यसन बंद करना चाहिए। कैंसर संबंधी गैर-मान्यताओं से दूर रहकर और विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह के अनुरूप समय पर उपचार कराने पर कैंसर को मात देना संभव है। इसके अलावा सभी लोगों को मिलकर व्यसनमुक्त समाज का निर्माण करने पर कैंसर को परास्त करना संभव है।