
अहमदाबाद. शहर के घाटलोडिया क्षेत्र स्थित कर्मचारी नगर में गत २१ दिसम्बर को दिन दहाड़े हुई अस्सी वर्षीय महिला की हत्या की गुत्थी क्राइम ब्रांच ने बुधवार शाम को सुलझा ली। इस मामले में पुलिस ने मृतका के दामाद को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि दामाद ने ही पांच लाख रुपए की सुपारी देकर सास को मौत के घाट उतरवा दिया।
कर्मचारीनगर विभाग दो के स्वतंत्र प्लॉट के मकान नंबर ए-५३ निवासी रंभाबेन बालकृृष्ण पटेल (८०) को बॉक्स डिलेवरी करने के बहाने आए अज्ञात जने ने गला घोंट कर हत्या कर दी थी। मामले की गुत्थी को सुलझाने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच भी जुटी हुई थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त जे.के भट्ट की सूचना पर क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त दीपन भद्रन और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. राजदीपसिंह झाला इसकी जांच में जुटे हुए थे। उनके मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक जे.एन. चावड़ा व विभागीय टीम ने सीसीटीवी फुटेज और सूचना के आधार पर मृतका के दामाद एवं घाटलोडिया स्थित आरती सोसायटी निवासी रमेश हरजी पटेल (५२) को बुधवार शाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें रमेश ने वृद्धा की हत्या में लिप्त होने की कबूलात की। रमेश ने मुंबई में रहने वाले इस्तियाक नामक शख्स के माध्यम से एक व्यक्ति को पांच लाख रुपए की सुपारी दी थी। इसके लिए पिछले तीन माह से रेकी भी की जा रही थी और २१ दिसम्बर को वृद्धा की गला घोंट कर हत्या कर दी। हत्या को लूट में बदलने के उद्देश्य से मृतका की सोने की चूडिय़ों की लूट की गई।
कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश
संयुक्त पुलिस आयुक्त भट्ट ने बताया कि डीफार्मा की पढ़ाई कर चुके रमेश की पूर्व में मेडिकल की दुकान थी। जिसे घाटा आने के बाद बंद कर दिया और उसके बाद वह व्यारा में रेती के काम से जुड़ गया। इसमें भी उसे घाटा आया। बताया गया है कि पच्चीस लाख रुपए से भी अधिक का कर्ज हो गया था। जिससे उसने मुंबई निवासी इस्तियाक को बताया कि उसकी सास रंभाबेन के पास विरमगाम के असापस बारह बीघा खेत, करीब ढाई करोड़ का बंगला व अन्य संपत्ति भी है। इस संपत्ति को हासिल करने के लिए उसने इस्तियाक की मध्यस्थता में मुंबई निवासी एक व्यक्ति को सुपारी थी थी जिसकी पुलिस को तलाश है।
रुपयों के लिए सास से की थी कई बार पेशकश
पुलिस के अनुसार अपने कर्ज को चुकाने के लिए रमेश ने सास रंभाबेन को संपत्ति बेचकर रुपए देने की पेशकश की थी। लेकिन सास ने यह कहकर मना कर दिया कि वह अपनी छह बेटियों को बराबर-बराबर हिस्सा बांटेगी।
खंगाले थे सीसीटीवी फुटेज
२१ दिसम्बर दोपहर को जिस रिक्शा में बैठकर हत्या करने वाला आया था उस रिक्शा को सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। जो दूधेश्वर तक गया था। रिक्शा नंबर के आधार पर पुलिस ने यह गुत्थी सुलझाई। बताया गया है कि यह रिक्शा वाला सुपारी की मध्यस्थता वाले इस्तियाक का पहचान वाला है।
वृद्धा नहीं खोलती थी दरवाजा
पुलिस ने बताया कि रंभाबेन हर किसी के लिए दरवाजा नहीं खोलती थी, लेकिन सुपारी किलर को रमेश ने यह कहकर भेजा था कि पूनम ने यह बॉक्स भेजा है। रंभाबेन की बेटी का नाम पूनम है।