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Gujarat: 438 करोड़ के एमडी ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड सलीम डोला गिरफ्तार

-अंतरराष्ट्रीय तस्कर को एटीएस ने पकड़ा, 2022 में वडोदरा के सिंघरोट में चल रही एमडी ड्रग्स की फैक्टरी का हुआ था पर्दाफाश, आरोपी विरुद्ध जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस, तुर्किये से हाल ही में किया गया था डिपोर्ट
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अहमदाबाद

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nagendra singh rathore

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Updated: 3 Nov 2026, 10:21 PM IST

gujarat ATS

गुजरात एटीएस की गिरफ्त में आरोपी।

अहमदाबाद. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने 438 करोड़ के एमडी ड्रग्स मामले में चार साल से फरार चल रहे आरोपी सलीम इस्माइल डोला को गिरफ्तार किया है।

एटीएस के उपाधीक्षक एस.एल.चौधरी ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि एक दिसंबर 2022 को वडोदरा जिले के सिंघरोट गांव में एटीएस टीम ने दबिश देकर अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश किया था। मौके से 438 करोड़ रुपए की 87 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सलीम डोला का नाम सामने आया था, जिसमें वह फरार चल रहा था। यह मुंबई से दुबई भाग गया था। वहां से केन्या व अन्य देशों में ठिकाने बदलता था। ऐसे में इसके विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। जिसके आधार पर इसे तुर्किये से कुछ समय पहले डिपोर्ट किया गया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत गत 31 अक्टूबर को एटीएस ने इसे वडोदरा एमडी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सिंघरोट फैक्टरी में बना ड्रग्स भी खरीदा

चौधरी ने बताया कि डोला ड्रग्स मामले में कहीं पैसे देता था तो कहीं केमिकल देता था। वडोदरा की सिंघरोट ड्रग्स फैक्टरी मामले में इसने एमडी ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी केमिकल भी दिया था, जो एमडी ड्रग्स तैयार हुई, उसे खरीदा भी था। फिर आगे बेच दिया। यह ड्रग्स इसने कहां-कहां, किसे और कैसे बेची, उसके पैसे कैसे लिए उसकी जांच की जा रही है। इसकी सभी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

जेल में संपर्क में आए सौमिल साथ रची साजिश

जांच में सामने आया था कि इस मामले में पहले पकड़ा जा चुका आरोपी सौमिल पाठक मुंबई जेल में सलीम डोला के संपर्क में आया था। दोनों ने मेफेड्रोन का उत्पादन और बिक्री के कारोबार की योजना बनाई है। सिंघरोट में फैक्टरी शुरू की और वहां तैयार किया एमडी ड्रग्स मुंबई में सलीम डोला के गुर्गे अइमान मुसा शेख उर्फ अयान खान तक पहुंचाया था। यह तथ्य सामने आने पर सलीम डोला को वांछित घोषित किया था। इंटरपोल की मदद से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

इकबाल मिर्ची साथ करता था ड्रग्स की तस्करी

एटीएस के अनुसार सलीम डोला का लंबा आपराधिक इतिहास है। यह 1990 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित ड्रग्स तस्कर इकबाल मिर्ची के संपर्क में आया और उसके साथ मेंड्रिक्स ड्रग्स का अवैध व्यापार करता था। मिर्ची के ड्रग्स की हेराफेरी का जिम्मा यह संभालता था। इसने भारत और विदेशों में अपना खुद का ड्रग्स तस्करी नेटवर्क खड़ा किया। कॉमर्शियल वस्तुओं के कंटेनरों में मादक पदार्थ छिपाकर विदेशों में भेजता और विदेशों में डमी कंपनियां बनाता था।

दुबई, केन्या के नंबर का करता उपयोग

जांच में सामने आया यह भारतीय पासपोर्ट के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में, केन्या में रहता और वहां के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। वहां से ड्रग्स नेटवर्क चलाता था। इसके दाऊद से संपर्क के बारे में जांच की जा रही है।

गुजरात, म.प्र., महाराष्ट्र में 15 मामले हैं दर्ज

सलीम डोला विरुद्ध गुजरात, म.प्र., महाराष्ट्र में 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें ड्रग्स तस्करी, गुटखा तस्करी, आर्म्स एक्ट और ईडी में मनी लॉन्डरिंग के मामले शामिल हैं। 2025 में डीआरआई भोपाल में इसके विरुद्ध एनडीपीएस का मामला दर्ज है।