
ahmedabad: सड़क पार करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग, पेडेस्ट्रीयन सिग्नल, रोड मार्किंग, साइनेज के साथ पर्याप्त रोशनी की सुविधाओं को एकीकृत किया जाएगा। मनपा ने पेडेस्ट्रीयन फर्स्ट विजन के तहत योजना तैयार की है।मनपा के अनुसार महापौर हितेश बारोट, मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि, स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन कमलेश पटेल के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना की खास बात यह होगी कि फुटपाथ को अलग-अलग टुकड़ों में विकसित करने के बजाय जंक्शन, इंटरसेक्शन, बस स्टॉप, भवनों के प्रवेश द्वार और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ा जाएगा। अधिक पैदल आवाजाही वाले क्षेत्रों में लगातार और अवरोधमुक्त फुटपाथ उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। फुटपाथ पर आने वाले अनधिकृत पार्किंग, अतिक्रमण, निर्माण सामग्री, यूटिलिटी बॉक्स, साइन बोर्ड और अन्य अवरोध हटाए जाएंगे।
फुटपाथ 1.80 से दो मीटर चौड़े होंगेपैदल चलने को कम से कम 1.80 से 2 मीटर स्पष्ट जगह रखने का मानक अपनाया जाएगा। जहां पैदल यात्रियों की संख्या अधिक होगी, वहां जरूरत के अनुसार फुटपाथ की चौड़ाई बढ़ाई जा सकेगी। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फुटपाथ डिजाइन किए जाएंगे। जरूरी स्थानों पर रैंप और टैक्टाइल पेविंग की सुविधा होगी।
फुटपाथ नेटवर्क से सड़क सुरक्षा को जोड़ा जाएगा। जरूरी स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग, पेडेस्ट्रीयन क्रॉसिंग मार्किंग, स्टॉप लाइन, लेन मार्किंग और दिशा संकेत लगाए जाएंगे। ट्रैफिक सिग्नल वाले जंक्शनों पर जरूरत के अनुसार पेडेस्ट्रीयन सिग्नल फेज की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए सुरक्षित समय मिल सके। स्कूलों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों, व्यस्त जंक्शनों और अधिक पैदल आवाजाही वाले क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। रात में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्रॉसिंग क्षेत्रों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत वाले स्थानों पर फ्लैशिंग बीकन और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय भी किए जा सकेंगे।
मनपा के अनुसार, बस स्टॉप और अन्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों को फुटपाथ तथा पैसेंजर वेटिंग एरिया से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत ट्रैफिक सिग्नल वाले जंक्शनों पर जरूरत के अनुसार पैदल यात्रियों के लिए अलग सिग्नल फेज की व्यवस्था की जाएगी। क्रॉसिंग से पहले वाहन चालकों के लिए स्पष्ट स्टॉप लाइन होगी। इससे सड़क पार करते समय पैदल यात्रियों को निर्धारित समय और स्थान मिलेगा तथा वाहन चालकों को भी क्रॉसिंग क्षेत्र में रुकने का स्पष्ट संकेत मिलेगा।
योजना में क्रॉसिंग वाले स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग और इल्यूमिनेशन की व्यवस्था का प्रावधान है। अधिक पैदल आवाजाही वाले स्थानों पर जरूरत के अनुसार फ्लैशिंग बीकन, पेडेस्ट्रीयन सिग्नल और अन्य सड़क सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जाएगा। इससे रात में क्रॉसिंग क्षेत्रों की दृश्यता बेहतर रखने पर जोर रहेगा।