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मेट्रो ट्रेन तक पहुंच होगी आसान, एएमटीएस ने शुरू की विशेष बसें

मेट्रो रेल स्टेशन तक पहुंचने के लिए अब आसपास के नागरिकों को निजी वाहन या महंगे साधन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एपरेल पार्क मेट्रो स्टेशन को आसपास के आवासीय, बाजार और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों से जोड़ने के लिए एएमटीएस ने दो नए फीडर बस रूट शुरू किए हैं।
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एएमटीएस बस सेवा को हरी झंडी दिखाते महापौर व अन्य।

Ahmedabad: मेट्रो रेल स्टेशन तक पहुंचने के लिए अब आसपास के नागरिकों को निजी वाहन या महंगे साधन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एपरेल पार्क मेट्रो स्टेशन को आसपास के आवासीय, बाजार और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों से जोड़ने के लिए एएमटीएस ने दो नए फीडर बस रूट शुरू किए हैं। फीडर रूट-8 सर्कुलर और रूट-9 एंटी सर्कुलर के जरिए लोग एपरेल पार्क मेट्रो स्टेशन से निकलकर 9.95 किलोमीटर के दायरे में आने वाले प्रमुख इलाकों तक आसानी से इन बसों के जरिए पहुंच सकेंगे। मेट्रो से आगे का सफर कर सकेंगे।खास बात यह है कि इस कनेक्टिविटी के लिए वयस्क यात्री को केवल 5 रुपए और बच्चे को 3 रुपए किराया देना होगा।

महापौर हितेश बारोट ने 15 अगस्त को खोखरा स्थित महाराणा प्रताप चौक पर भालकेश्वर महादेव मंदिर के पास नए फीडर रूट का लोकार्पण किया। एएमटीएस के अनुसार दोनों रूट की बस सेवा एपरेल पार्क मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर फिर इसी स्टेशन पर समाप्त होगी। रूटों में अनाज बाजार, मद्रासी मंदिर, एलजी अस्पताल, कृष्णबाग, मणिनगर टर्मिनस, दक्षिणी सोसायटी, आशापुरी सोसायटी (आवकार हॉल), गुजरात हाउसिंग बोर्ड (हरिपुरा), हाटकेश्वर सर्कल और अमराईवाड़ी जैसे प्रमुख स्थान जुड़ेंगे।

40 से 45 मिनट के अंतराल में चलेंगी बस

फीडर सेवा के लिए दो बसें लगाई गई हैं। एक बस सर्कुलर और दूसरी एंटी सर्कुलर रूट पर चलेगी। दोनों रूट पर प्रतिदिन कुल 32 ट्रिप होंगी, जिनमें 16 सर्कुलर और 16 एंटी सर्कुलर फेरे शामिल हैं। बसें करीब 40 से 45 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। इस सेवा से मेट्रो और शहर की बस सेवा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

इसके माध्यम से आसपास के लोग शहर के विविध भागों में पहुंच सकेंगे। फिलहाल मेट्रो ट्रेन तक पहुंचने के लिए लोग अपने वाहनों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा रिक्शा व अन्य साधनों से आते हैंं जो काफी महंगा पड़ता है। इस सुविधा के चलते जहां किराया कम होगा वहीं दूसरी ओर कुछ देर के अंतराल में यह सुविधा मिल सकेगी। इसके चलते लोगों को सुविधाएं बढ़ेंगी। फिलहाल दो एएमटीएस के दो विशेष रूट चलाए गए हैं। इस तरह की सुविधा लोग चाहते थे, अब यह पूरी हो रही है। अन्य कुछ मेट्रो रेल स्टेशनों पर भी इस तरह की सुविधा होनी चाहिए।