Ahmedabad: शहर स्थित सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन कर डेढ वर्ष के एक बच्चे के पेट से प्लास्टिक का खिलौना निकाला।बताया जाता है कि शहर का एक बच्चा खेलते-खेलते प्लास्टिक का खिलौना निगल गया था। बच्चा खेलते समय अचानक उल्टी करने लगा और उसके चेहरे पर तकलीफ के भाव दिखे। बच्चे की मां […]
Ahmedabad: शहर स्थित सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन कर डेढ वर्ष के एक बच्चे के पेट से प्लास्टिक का खिलौना निकाला।बताया जाता है कि शहर का एक बच्चा खेलते-खेलते प्लास्टिक का खिलौना निगल गया था। बच्चा खेलते समय अचानक उल्टी करने लगा और उसके चेहरे पर तकलीफ के भाव दिखे। बच्चे की मां को शंका हुई कि बच्चा कोई वस्तु निगल गया है। जांच करने पर पता चला कि खिलौनों में से एक गायब है। परिवार तत्काल उसे शहर के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल में एक्स-रे में पूरा खिलौना जठर में फंसा दिखाई दिया। चुनौती यह थी कि अन्ननली और जठर के बीच से इतने बड़े खिलौने को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. राकेश जोशी ने बताया कि एंडोस्कोप के नाजुक उपकरण से खिलौने को पकड़ने का प्रयास करते समय वह बार-बार फिसल रहा था। यदि इसे ज्यादा जोर से खींचा जाता तो वॉल्व को स्थायी नुकसान हो सकता था। अंत में सावधानी से खिलौने के सिर वाले हिस्से को पकड़कर वॉल्व पार कराया गया और बाहर निकाला गया।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि यह खिलौना जठर से आगे आंतों में चला जाता तो ब्लॉकेज और आंत फटने का खतरा था। समय पर अस्पताल पहुंचने और चिकित्सकों की कुशलता से बच्चे की जान बच गई। इस जटिल एंडोस्कोपिक सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ.श्वेता व उनकी टीम ने सहयोग किया। ऑपरेशन के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।