अहमदाबाद

प्रतापनगर रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन की योजना

वडोदरा. पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के प्रतापनगर रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन तथा आधुनिक यात्री सुविधाओं की योजना है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यात्रियों की सुविधा में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बोर्डिंग स्टेशन भी है। इसे रणनीतिक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने से वडोदरा स्टेशन पर यातायात का दबाव कम किया जा सकेगा।

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Plans for Operating Long-Distance Trains from Pratapnagar Railway Station
पुनर्विकसित प्रतापनगर रेलवे स्टेशन।

अमृत भारत स्टेशन योजना में 71 करोड़ की लागत से किया पुनर्विकास

वडोदरा. पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के प्रतापनगर रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन तथा आधुनिक यात्री सुविधाओं की योजना है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यात्रियों की सुविधा में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बोर्डिंग स्टेशन भी है। इसे रणनीतिक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने से वडोदरा स्टेशन पर यातायात का दबाव कम किया जा सकेगा।
वडोदरा के मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके के अनुसार, प्रतापनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। वडोदरा शहर की रेलवे अवसंरचना को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यात्री सुविधाओं का विस्तार

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 71.58 करोड़ रुपए की लागत से प्रतापनगर रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास का कार्य किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत पुराने 1, 2 एवं 3 नंबर प्लेटफॉर्मों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही नए प्लेटफॉर्म नंबर 4 का विकास किया गया है। यात्रियों को बैठने की सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्लेटफार्मों पर आधुनिक प्लेटफॉर्म शेल्टर तैयार किए गए हैं। स्टेशन पर अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण और दो नई लिफ्ट की स्थापना भी की गई है।

आकर्षक द्वितीय प्रवेश द्वार

प्रतापनगर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार की तरफ नए स्टेशन भवन का निर्माण तथा वाणिज्यिक क्षेत्र के विकास का कार्य भी किया गया है। द्वितीय प्रवेश द्वार क्षेत्र में सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन, पर्याप्त पार्किंग सुविधा, स्पष्ट प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित की गई है।

कॉन्कोर्स क्षेत्र का आधुनिकीकरण

यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से स्टेशन के कॉन्कोर्स क्षेत्र का आधुनिकीकरण किया गया है। आधुनिक फ्लोरिंग के साथ आकर्षक वॉल क्लैडिंग की गई है, जिसमें रेलवे के इतिहास की झलक को उकेरा गया है। स्टेशन पर उन्नत प्रकाश व्यवस्था के साथ स्टेशन परिसर में कलात्मक भित्ति चित्र (म्यूरल्स) स्थापित किए गए हैं।

दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं

दिव्यांगजन यात्रियों के लिए आधुनिक साइनेज व्यवस्था तथा प्लेटफार्म को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दिव्यांगजन-अनुकूल बुकिंग काउंटर सुविधाओं का विकास किया गया है। फुट ओवर ब्रिज को लिफ्ट से भी जोड़ा गया है, जिससे यह स्टेशन पूर्णतः दिव्यांगजन-अनुकूल बन सके।

12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज

स्टेशन के दोनों ओर के शहर तथा प्लेटफार्मों को जोड़ने के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। दोनों सिरों पर रैंप की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही फुट ओवर ब्रिज को लिफ्ट से भी जोड़ा गया है।

ऐतिहासिक महत्व

यह स्टेशन अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह वर्ष 1880 में नैरो गेज रेलवे के आगमन का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1922 में यहां प्रतापनगर में एक महत्वपूर्ण रेलवे वर्कशॉप की स्थापना की गई थी।

Published on:
04 Jun 2026 10:29 pm