
पालनपुर. शक्ति, भक्ति और आस्था के केंद्र अंबाजी में 20 से 26 सितंबर तक आयोजित होने वाले भादरवी पूनम महामेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट के चेयरमैन सह जिला कलक्टर मिहिर पटेल की अध्यक्षता में अंबाजी में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
पत्रकार वार्ता में दर्शन, विश्राम, भोजन, पार्किंग, सुरक्षा, प्रसाद, जूता-चप्पल रखने, स्वच्छता, पेयजल और शौचालय सहित श्रद्धालुओं के लिए की गई विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
मेले को विशेष आकर्षण और सुविधाओं के साथ यादगार बनाने के लिए प्रशासन की ओर से जिला स्तर पर करीब 29 समितियों का गठन किया गया है। पटेल ने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी या असुविधा न हो, इस तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रत्येक समिति के अध्यक्ष के रूप में क्लास-1 अधिकारी की नियुक्ति की गई है और उनके पर्यवेक्षण में छोटी से छोटी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
कलक्टर ने बताया कि मौसम साफ रहने पर 22 और 23 सितंबर को अंबाजी मंदिर में ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा गब्बर पर्वत पर विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई है।
स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। 2 हजार कर्मचारी तैनत किए जाएंगे। कूड़ा निस्तारण के लिए जटायु मशीन का उपयोग किया जाएगा। दांता और हडाद रोड पर 750 से अधिक डस्टबिन लगाए गए हैं। मेले में 7,000 से अधिक सरकारी कर्मचारी विभिन्न जिम्मेदारियां संभालेंगे।
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुजरातभर से अंबाजी महामेले में आने वाले पदयात्रियों के लिए 10 करोड़ रुपए का बीमा कवच उपलब्ध कराया जाएगा। इसका लाभ राजस्थान में अंबाजी से 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में आने वाले पदयात्रियों को भी मिलेगा। बनासकांठा जिले की सीमा में किसी पदयात्री के साथ आकस्मिक घटना होने पर तत्काल 2 लाख रुपए की बीमा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। फूड वेस्ट कलेक्शन एजेंसी नियुक्त की गई है। सेवा सामग्री वितरित करने वाले वाहनों के लिए करीब 10 निर्धारित स्थानों पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुंबे ने बताया कि मेले में करीब 5,000 पुलिस जवान दो शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे। पहाड़ी क्षेत्रों में घुड़सवार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। विशेष टीमें सीसीटीवी कैमरों की निगरानी करेंगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘शी’ टीम की तैनाती के साथ पूरे मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले की निगरानी करीब 750 सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।
अंबाजी मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट के माध्यम से सेवा शिविर, वाहनों और मोबाइल सेवा शिविरों के पंजीकरण की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा रही है। मेले के दौरान स्मार्ट पार्किंग की सुविधा और बच्चों की सहायता के लिए बाल सहायता कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
यात्रियों को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध प्रसाद उपलब्ध कराने के लिए मेले के शुभारंभ से पहले गणेश चतुर्थी के अवसर पर अंबाजी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज परिसर में विशेष डोम बनाकर स्वच्छ वातावरण में मोहनथाल प्रसाद निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। शास्त्रोक्त विधि से होम-हवन के बाद प्रसाद निर्माण का कार्य शुरू किया गया। इस वर्ष प्रसाद निर्माण की शुरुआत ‘नारी शक्ति’ के हाथों कराई गई।
महामेले के दौरान मोहनथाल प्रसाद के करीब 40 लाख पैकेट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे मेले के दौरान करीब 1,000 घाण तैयार किए जाएंगे। मोहनथाल के एक घाण में 100 किलो चीनी, 200 किलो बेसन, 76.5 किलो से अधिक शुद्ध देशी घी और 200 ग्राम इलायची का इस्तेमाल किया जाता है।