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वडनगर आए एक ज्योतिष ने कहा था-महान व्यक्ति बनेंगे मोदी

पटेल और नरेंद्र मोदी ने चौथी से 11वीं कक्षा तक साथ पढ़ाई की। वे बताते हैं कि नरेंद्र पढ़ाई में शुरू से ही तेज थे और शिक्षकों के चहेते विद्यार्थियों में थे। पढ़ाई के अलावा कबड्डी, खो-खो जैसे खेलों में भी उनकी रुचि थी। नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। वे एनसीसी कैडेट भी रहे। पटेल के अनुसार, नरेंद्र का सहपाठियों के साथ व्यवहार अच्छा था। सामाजिक गतिविधियों और जरूरतमंदों की मदद करने में भी वे रुचि लेते थे। जीवदया के प्रति उनका लगाव भी बचपन से था। वर्ष 1967 में पटेल ने कॉलेज छोड़ दिया और इसके बाद दोनों की राहें अलग हो गईं।
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An astrologer visiting Vadnagar predicted Modi would become a great man

ईश्वरभाई पटेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्म दिन पर विशेष : मोदी के बचपन के सहपाठी मित्र ईश्वर भाई पटेल ने साझा की यादें, बचपन से पढ़ाई में होशियार थे मोदी, शिक्षकों के चहेते थे, प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नहीं बदला व्यवहार

राजेश भटनागर

अहमदाबाद/मेहसाणा. वह दौर था जब नरेंद्र मोदी देश की राजनीति के क्षितिज पर तो दूर, अपने गांव-वडनगर की गलियों में एक सामान्य स्कूली छात्र के रूप में जाने जाते थे। चौथी से 11वीं कक्षा तक उनके साथ पढ़े ईश्वरभाई पटेल को आज भी बचपन का वह नरेंद्र याद है-पढ़ाई में तेज, खेलों में आगे, नाटक, सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय और जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर। पटेल को एक और बात खास तौर पर याद है। बचपन में गांव में आए एक ज्योतिषी ने नरेंद्र को देखकर कहा था कि यह बच्चा आगे चलकर महान व्यक्ति बनेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर पटेल ने पत्रिका से बातचीत में उन दिनों की कई यादें साझा कीं।

चौथी से 11वीं तक साथ पढ़े

पटेल और नरेंद्र मोदी ने चौथी से 11वीं कक्षा तक साथ पढ़ाई की। वे बताते हैं कि नरेंद्र पढ़ाई में शुरू से ही तेज थे और शिक्षकों के चहेते विद्यार्थियों में थे। पढ़ाई के अलावा कबड्डी, खो-खो जैसे खेलों में भी उनकी रुचि थी। नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। वे एनसीसी कैडेट भी रहे। पटेल के अनुसार, नरेंद्र का सहपाठियों के साथ व्यवहार अच्छा था। सामाजिक गतिविधियों और जरूरतमंदों की मदद करने में भी वे रुचि लेते थे। जीवदया के प्रति उनका लगाव भी बचपन से था। वर्ष 1967 में पटेल ने कॉलेज छोड़ दिया और इसके बाद दोनों की राहें अलग हो गईं।

मुख्यमंत्री बने तो पुराने साथी से मिले

समय के साथ नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और फिर प्रधानमंत्री। पटेल बताते हैं कि मुख्यमंत्री रहते गांधीनगर सचिवालय स्थित कार्यालय में उनकी मोदी से मुलाकात हुई थी। परिचय देने पर कार्यालय के अधिकारियों ने सम्मान के साथ उन्हें मोदी से मिलवाया।

पीएम बनने के बाद भी बदलाव नहीं

पटेल के मुताबिक, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी के व्यवहार में पुराने मित्रों और शिक्षकों के प्रति बदलाव नहीं आया। वडनगर आने पर वे पुराने परिचितों और शिक्षकों से मिलते रहे। आज भी पत्र के जरिए संपर्क करने पर जवाब मिलने की बात पटेल बताते हैं। ईश्वरभाई वर्तमान में अहमदाबाद के घोडासर में रहते हैं। वे कहते हैं, समय बदला, मोदी का पद बदला, लेकिन बचपन के साथी के रूप में उनकी यादें आज भी वैसी ही हैं। उन्होंने बताया कि उनके एक पुराने शिक्षक एससी पटेल वडनगर के पास सबलपुर में रहते हैं।

खुद को सुदामा और पीएम मोदी को बताया कृष्ण समान, वडनगर से पीएम के बचपन के मित्र श्यामलदास ने लिखा पत्र

मेहसाणा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके बचपन के मित्र सह पारिवारिक भाई श्यामलदास मोदी ने वडनगर से उन्हें पत्र लिखकर अपने संबंधों को कृष्ण-सुदामा की मित्रता से जोड़ते हुए खुद को सुदामा और नरेंद्र मोदी को कृष्ण के समान बताया। पत्र में उन्होंने बचपन के दिनों की यादें साझा करते हुए पीएम के दृढ़ संकल्प की सराहना की। साथ ही लिखा कि हाटकेश्वर महादेव प्रधानमंत्री को निरोगी और दीर्घायु रखें। उन्होंने वडनगर के अद्भुत एवं सर्वांगीण विकास के लिए पीएम की सराहना की। वे अब प्रधानमंत्री मोदी के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अपने पुराने मित्र के साथ बिताए बचपन के दिनों को याद करते हुए उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को भी स्मरण किया।