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शहर के मिशन मिलियन ट्रीज को अंतरराष्ट्रीय ग्रीन सिटी अवार्ड, बना दुनिया के लिए मॉडल

शहर को हरित और जलवायु अनुकूल बनाने के लिए चलाया जा रहा महानगरपालिका (मनपा) का मिशन मिलियन ट्रीज अभियान अब दुनिया के लिए मॉडल बन गया है।
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Ahmedabad: शहर को हरित और जलवायु अनुकूल बनाने के लिए चलाया जा रहा महानगरपालिका (मनपा) का मिशन मिलियन ट्रीज अभियान अब दुनिया के लिए मॉडल बन गया है। मनपा की मिशन मिलियन ट्रीज-अहमदाबाद में 1.43 करोड़ पौधरोपण की पहल को एआइपीएच वर्ल्ड ग्रीन सिटी अवार्ड-2026 में ‘लिविंग ग्रीन फॉर क्लाइमेट चेंज श्रेणी का विजेता घोषित किया गया है। बड़े पैमाने पर पौधरोपण के साथ बंजर जमीन का हरित क्षेत्रों में रूपांतरण, जैव विविधता संरक्षण, आधुनिक तकनीक और नागरिकों की भागीदारी को इस उपलब्धि का आधार माना गया है।

अंतरराष्ट्रीय बागवानी उत्पादक संघ (एआइपीएच) की ओर से 15 सितंबर को इटली के बारी शहर के ऐतिहासिक कास्तेलो स्वेवो में आयोजित 78वीं वार्षिक कांग्रेस के दौरान वर्ष 2026 के वर्ल्ड ग्रीन सिटी अवार्ड के विजेताओं की घोषणा की गई। दुनिया के 21 फाइनलिस्ट शहरों में से विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं का चयन किया गया। अहमदाबाद को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए उसके व्यापक हरित मॉडल और मापनीय पर्यावरणीय परिणामों के लिए यह सम्मान मिला।

स्थानीय तापमान दो से ढाई डिग्री कम होने का दावा

अभियान की खासियत केवल पौधरोपण नहीं है। पौधों की निगरानी के लिए जियो-टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड, लाइडार और आरजीबी सेंसर जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूषित पानी को शुद्ध कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। दावा किया गया है कि घने पौधरोपण वाले क्षेत्रों में स्थानीय तापमान में 2 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की गई है। वहीं, 2020 से 2024 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक वाले दिनों में 43 प्रतिशत कमी का दावा किया गया है। इस अभियान के तहत इस वर्ष 50 लाख पौधरोपण का लक्ष्य भी जल्द पूरा करने की तैयारी है।

वर्ष 2019 से अब तक 1.43 करोड़ पौधे लगाए

वर्ष 2019 में शुरू हुए अभियान के तहत अब तक शहर में 1.43 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। चार लाख वर्गमीटर से अधिक अनुपयोगी और बंजर जमीन को जैव विविधता पार्क, शहरी वन और अन्य हरित क्षेत्रों में बदला गया है। करीब 184 स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों और वनस्पतियों का संरक्षण भी किया गया है।