
गांधीनगर. कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी दस मई को सुबह होने वाली आदिवासी सत्याग्रह रैली को सम्बोधित करेंगे। आदिवासी समाज की समस्याओं को को मजबूती से उठाने के लिए राहुल गांधी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में सम्बोधित करते यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि रैली में आदिवासी समाज के मुद्दों, आदिवासी अस्मिता एवं संस्कृति के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। गुजरात में भाजपा की सरकार आदिवासी समाज की पहचान एवं उसकी संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा, जंगल की जमीन के अधिकार समेत के कानूनों का गुजरात की भाजपा सरकार अमल नहीं करती है। मनरेगा में कम वेतन, काम के कम घंटे, कम दिनोों के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक शोषण भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने आदिवासी समाज से बड़ी से बड़ी संख्या में इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने भी कहा कि आदिवासियों के अधिकारों और हक की लड़ाई कांग्रेस पार्टी सड़क से विधानसभा तक लड़ रही है। आदिवासी समाज की पहचान को गुजरात में भाजपा की सरकार नुकसान पहुंचा रही है। शिक्षा का व्यापारीकरणहो रहा है। स्वास्थ्य सेवा लचर हैं। रोजगार नहीं मिल रहा है। आए दिन पेपरलीक के किस्से सामने आते हैं। आमजन भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है। इस मौके पर राज्यसभा सांसद अमी याज्ञिक एवं गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोशी मौजूद थे।
कांग्रेस ने की 'जनता अदालतÓ
गुजरात स्थापना दिवस पर रविवार को कांग्रेस पार्टी ने राज्य के आठ महानगरों राजकोट, वडोदरा, सूरत, भावनगर, गांधीनगर, जामनगर एवं जूनागढ़ में जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए 'जनता की अदालतÓ और 'प्रतिकार रैलीÓ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गुजरात की स्थापना में अहम योगदान देने वाले इन्दूचाचा की प्रतिमा को कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में पुष्पांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने 'जब तक सूरज चांद रहेगा, इन्दूलाल चाचा का नाम रहेगाÓ के नारे लगाए गए। बाद में लालदरवाजा स्थित सरदार बाग में 'जनता की आवाज और समस्याÓ को बुलद करने के लिए 'जनता अदालतÓ का आयोजन किया गया। सभी मोर्चों पर विफल गुजरात की भाजपा सरकार को जनता अदालत में घेरा गया। शिक्षा के व्यवसायीकरण, पेपर लीक घटनाओं, महिला सुरक्षा, महंगाई, आर्थिक असमानता, मालधारी अस्मिता टैक्स के भाषण के विभिन्न मुद्दों को जनता अदालत में उठाया गया। कांग्रेस के नेता भाविक सोलंकी ने सरकार पर शिक्षा के व्यवसायीकरण का आरोप लगाया।