
Ahmedabad. गुजरात के 211 परीक्षा केन्द्रों पर रविवार दोपहर दो बजे से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) स्नातक (यूजी) की पुनः परीक्षा (री-नीट) ली गई। चुस्त बंदोबस्त के बीच ली गई परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। अहमदाबाद शहर में भी 23 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे।
अहमदाबाद शहर में जहां 10 हजार वहीं राज्यभर में 80 हजार परीक्षार्थियों ने री-नीट के लिए पंजीकरण कराया था।गत 3 मई को ली गई नीट-यूजी का पेपर लीक हो जाने के चलते परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। उसके बाद 21 जून रविवार को परीक्षा ली गई। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश दिया गया। कई विद्यार्थी अपने असली फोटो पहचान पत्र तो कई फोटो लाना भूल गए। ऐसे में अंत समय में उनके परिजनों को दौड़ना पड़ा।
हर परीक्षा केन्द्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अहमदाबाद शहर में ड्रोन के जरिए भी कई परीक्षा केन्द्र और उसके आसपास नजर रखी गई। री-नीट के प्रश्नपत्रों को पुलिस की पायलटिंग के साथ केन्द्रों तक पहुंचाया गया था।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य मैसेजिंग एप पर कोई भ्रामक जानकारी या अफवाह न फैले, इसके लिए राज्य के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की ओर से निगरानी की गई।परीक्षा केन्द्र के बाहर रहा अभिभावकों का जमावड़ा
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक अभिभावकों का जमावड़ा देखा गया। परीक्षार्थी तो अंदर परीक्षा देने चले गए लेकिन अभिभावक उनका इंतजार करने को बाहर ही बैठे नजर आए। कई अभिभावक काफी दूर से आए थे।
परीक्षा देकर परीक्षार्थी खुशनुमा चेहरे के साथ बाहर आए। परीक्षा देने वाली एक छात्रा ने बताया कि बायोलॉजी के प्रश्न काफी आसान थे। फिजिक्स और कैमिस्ट्री के प्रश्न भी सरल थे। नीट की तुलना में री-नीट का पेपर आसान लगा। एक अन्य परीक्षार्थी ने कहा कि पेपर मध्यम स्तर का रहा।
शहर के वस्त्रापुर स्थित आर.जे.टिबरेवाल परीक्षा केन्द्र पर अभिभावकों ने हंगामा किया। एक परिजन दीपक पटेल का कहना था कि मेरी बेटी का री-नीट का पेपर होने से वह सुबह 11.30 बजे यहां आ गए। बेटी ने बूटी पहनी थी उस पर टेप लगा दी गई जबकि उसकी कंठी को निकलवा दिया गया। उन्होंने उनके हाथ में कंठी को भी दिखाया, जबकि कई को हिजाब में प्रवेश दिया गया। यहां पर किस प्रकार की व्यवस्था है, यह समझ नहीं रहा। एक अन्य अभिभाविका ने कहा कि कलावा को भी निकलवाया गया।