Ahmedabad: क्राइम ब्रांच ने स्क्रैप कारोबार में तकनीकी छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह इलेक्ट्रॉनिक वजनी कांटों (वे-ब्रिज) में चिप लगाकर माल का वजन कम दिखाता था और कंपनियों व साइट मालिकों को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाता था। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को […]
Ahmedabad: क्राइम ब्रांच ने स्क्रैप कारोबार में तकनीकी छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह इलेक्ट्रॉनिक वजनी कांटों (वे-ब्रिज) में चिप लगाकर माल का वजन कम दिखाता था और कंपनियों व साइट मालिकों को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाता था। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि छह अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत रावल, संकेतन रावल, विजय ठाकोर, मनीष रबारी, विनोद पटणी, मुकेश पटणी और सुनील पटणी शामिल हैं।क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपियों का गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और स्क्रैप यार्ड, बिल्डिंग साइट तथा कंपनियों से स्क्रैप व अन्य सामान खरीदने के दौरान धोखाधड़ी करता था। जांच में सामने आया कि आरोपी वजनी कांटों में गैरकानूनी तरीके से विशेष प्रकार की चिप फिट कर देते थे। इसके साथ ही वे रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल कर मशीन के सिस्टम में बदलाव करते थे, जिससे वास्तविक वजन की तुलना में कम वजन दिखाई देता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले स्क्रैप खरीदने के लिए सौदा तय करते थे या नीलामी में हिस्सा लेते थे। इसके बाद मौके पर अपने जानकार तकनीशियनों की मदद से वजनी मशीन में चिप फिट कर दी जाती थी। फिर रिमोट के जरिए वाहन या माल का वजन कम दिखाकर फर्जी कांटा पर्ची निकाली जाती थी। इस तरह वे कम कीमत में ज्यादा माल खरीदकर भारी मुनाफा कमाते थे।
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि यह गिरोह वटवा जीआइडीसी क्षेत्र में अवैध उपकरणों के साथ इकट्ठा होने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापा मारकर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 चिप, 13 रिमोट, 12 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की है। जब्त माल की कुल कीमत करीब 19 लाख रुपए आंकी गई है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।