राजकोट. श्री खोडलधाम ट्रस्ट-कागवड द्वारा आगामी 19 से 21 जनवरी तक श्री खोडलधाम दशाब्दी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के लिए गांव-गांव जाकर निमंत्रण देने को ट्रस्ट द्वारा मां खोडल के तीन विशेष रथ को शनिवार को राजकोट स्थित श्री सरदार पटेल भवन से ट्रस्ट के चेयरमैन नरेश पटेल ने रवाना किया।
राजकोट. श्री खोडलधाम ट्रस्ट-कागवड द्वारा आगामी 19 से 21 जनवरी तक श्री खोडलधाम दशाब्दी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के लिए गांव-गांव जाकर निमंत्रण देने को ट्रस्ट द्वारा मां खोडल के तीन विशेष रथ को शनिवार को राजकोट स्थित श्री सरदार पटेल भवन से ट्रस्ट के चेयरमैन नरेश पटेल ने रवाना किया।
ट्रस्ट के चेयरमैन नरेश पटेल ने कहा कि श्री खोडलधाम की शुरुआत से लेकर आज तक की यात्रा में अनेक नए लोग जुड़े हैं। लोगों में दिन-प्रतिदिन खोडलधाम के प्रति श्रद्धा और भावना बढ़ती जा रही है।
केंद्रीय युवा मामले व खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि रथ परिभ्रमण के माध्यम से हम एक बार फिर एकता और सामूहिकता का संदेश लेकर जा रहे हैं। यह केवल रथ यात्रा नहीं है, बल्कि विचारों का समन्वय और संवर्धन भी है। जब अनेक लोग एक विचार के साथ कार्य करते हैं, तब एकता उत्पन्न होती है। नए विचारों का समन्वय नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।
खोडलधाम संगठन अध्यक्ष अनारबेन पटेल ने कहा कि मां खोडल स्वयं रथ में विराजमान होकर निमंत्रण देने जा रही हैं, जो हम सभी के लिए गर्व और आनंद की बात है। हम छोटे से छोटे व्यक्ति तक पहुंचकर दशाब्दी महोत्सव का निमंत्रण देंगे। विधायक रमेश टीलाला ने दशाब्दी महोत्सव को भव्यतम रूप से मनाने की अपील की।
रथ प्रस्थान स्थल पर श्री खोडलधाम महिला समिति की सदस्यों द्वारा सुंदर रंगोलियां बनाई गईं और रंग-बिरंगे फूलों से सजावट की गई। रथ में विराजमान मां खोडल की आरती की गई। इसके बाद रथों का पूजन कर ट्रस्ट चेयरमैन द्वारा ध्वजारोहण कर ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच विधिवत रथों को रवाना किया गया। रथ प्रस्थान के समय “जय मां खोडल” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और तीनों रथों पर पुष्पवर्षा की गई।
मां खोडल के ये रथ संपूर्ण गुजरात में लेउवा पटेल समाज की आबादी वाले 3500 से अधिक गांवों में जाएंगे और लगभग 180 दिनों से अधिक समय में श्रद्धालुओं को महोत्सव में पधारने का निमंत्रण दिया जाएगा।
राजकोट से प्रस्थान के बाद तीनों रथ अलग-अलग जोनों में जाएंगे। एक रथ उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले में, दूसरा दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले में और तीसरा मध्य गुजरात के दाहोद जिले में जाएगा। इसके बाद ये रथ विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। रथ में मां खोडल की प्रतिमा विराजमान है। इसके अतिरिक्त रथ एलईडी टीवी और साउंड सिस्टम से सुसज्जित है। गांव-गांव में महाआरती और सामूहिक भोज आदि कार्यक्रम भी होंगे।