अहमदाबाद

श्री सोमनाथ ट्रस्ट 2 मार्च को होली पर्व पर करेगा वैदिक होलिका दहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान के तहत अनोखी पहल प्रभास पाटण. होली उत्सव में जब पूरे देश में लकड़ी से होलिका दहन कर उत्सव मनाया जाता है, तब श्री सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से 2 मार्च को वैदिक होलिका दहन का अनूठा आयोजन किया जा रहा है। देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग […]

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फाइल फोटो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान के तहत अनोखी पहल

प्रभास पाटण. होली उत्सव में जब पूरे देश में लकड़ी से होलिका दहन कर उत्सव मनाया जाता है, तब श्री सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से 2 मार्च को वैदिक होलिका दहन का अनूठा आयोजन किया जा रहा है। देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव के सानिध्य में प्रभास पाटण के चौपाटी ग्राउंड पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया जाएगा। विशेष रूप से पर्यावरण को केंद्र में रखते हुए ट्रस्ट की ओर से होलिका दहन में परंपरागत और वैदिक सामग्री का ही उपयोग किया जाएगा।
श्री सोमनाथ ट्रस्ट देश के प्रधानमंत्री सह ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकल्प चला रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री के लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (लाइफ) दृष्टिकोण के तहत ट्रस्ट की ओर से पर्यावरण को लाभ पहुंचाने वाला और दर्शकों के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक दृष्टि से उत्तम वैदिक होलिका दहन किया जाएगा।
2 मार्च की रात 8 बजे श्री सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से विधिवत पूजन कर होलिका दहन किया जाएगा। इस अवसर पर श्री सोमनाथ ट्रस्ट परिवार और श्री सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए आने वाले देश-विदेश के भक्त सम्मिलित होंगे।

भक्तों के लिए ऑनलाइन होलिका आहुति और दर्शन की विशेष व्यवस्था

ट्रस्ट के महा प्रबंधक विजयसिंह चावड़ा के अनुसार, इस वैदिक होलिका दहन में भक्तों के लिए ट्रस्ट की ओर से ट्रस्ट की गौशाला की गौमाता के सूखे गोबर, गिर गाय का घी, समिधा काष्ठ, सात प्रकार के अनाज, कपूर और विभिन्न प्रकार की औषधियों को होलिका में अर्पित करने की विशेष व्यवस्था की गई है। भक्त अपने घर से ही ट्रस्ट की वेबसाइट Somnath.org पर मात्र 21 रुपए न्योछावर कर होलिका में पवित्र आहुति अर्पित कर सकेंगे तथा होलिका दहन के दर्शन कर सकेंगे।

गोमय दहन का शास्त्रोक्त महत्व

शास्त्रों के अनुसार तथा आयुर्वेद के दृष्टिकोण से इन सभी सामग्रियों का दहन पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ वात, पित्त और कफ के दोषों को भी दूर करता है। इन पवित्र द्रव्यों से होलिका दहन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस अवसर पर सोमनाथ आने वाले भक्त भी गोमय युक्त आहुति अर्पित कर सकेंगे।

भक्त होलिका में प्रज्वलित अग्नि देवता को विश्व कल्याण की प्रार्थना कर गोबर के उपले अर्पित कर सकेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से वैदिक होलिका पद्धति और वैदिक संस्कृति को आधुनिक पीढ़ी तक पहुंचाने का अनूठा प्रयास किया जा रहा है।

Published on:
22 Feb 2026 09:29 pm
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