
Ahmedabad: सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल को मंगलवार को बड़ी सौगात मिली। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और कॉक्लियर इम्प्लांट करा चुके बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना।
अस्पताल में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत 4.50 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक 128-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह मशीन हृदय की धमनियों में कैल्सिफिकेशन, संकुचन अथवा ब्लॉकेज जैसी गंभीर समस्याओं का शुरुआती स्तर पर ही सटीक पता लगाने में सक्षम है। इससे हृदयाघात जैसी गंभीर स्थिति से पहले मरीज का उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा रेडियोलॉजी विभाग में 47.50 लाख रुपए की लागत से हाई-एंड सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे विभिन्न बीमारियों की जांच पहले की तुलना में अधिक सटीक और कम समय में हो सकेगी।कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी तैयारराज्य सरकार ने 55 लाख रुपए की लागत से कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार कराया है। वहीं रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) फंड से 33 लाख रुपए का आधुनिक एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन तथा तीन लाख रुपए की ओटी टेबल उपलब्ध कराई गई है। इन सुविधाओं से कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
हर वर्ष 200 कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी
गुजरात सरकार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी नि:शुल्क कराती है। राज्य में हर वर्ष करीब 200 बच्चों की यह सर्जरी होती है और अब तक 3500 से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल चुका है। गुजरात की नौ सरकारी संस्थाओं में यह सुविधा उपलब्ध है, जिनमें सोला सिविल अस्पताल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के मामले में राज्य में पहले स्थान पर है। यहां ऑपरेशन से पहले आवश्यक सीटी स्कैन, एमआरआइ, ऑडियोलॉजी जांच, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और टीकाकरण जैसी सभी जांच भी नि:शुल्क कराई जाती हैं। इस अस्पताल में दूर दूर से लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। खास कर ईएनटी विभाग में यहां आधुनिक उपचार पद्धिति उपलब्ध है। साथ ही कुशल चिकित्सक होने के चलते यहां कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी भी भी होती है।