
मोरबी में कलक्टर कार्यालय के बाहर एकत्र किसान व महिलाएं।
मोरबी. बिजली की लाइन और खंभों के मुआवजे के नए सरकारी परिपत्र के विरोध में सैकड़ों किसानों और महिलाओं ने मंगलवार को मोराबी में विशाल रैली निकाली। महेन्द्रनगर चौकड़ी से रवाना होकर रैली कलक्टर कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
गुजरात किसान छावनी जेतपर (मच्छु) द्वारा आयोजित इस आंदोलन पार्ट-3 के तहत किसानों ने गुजरात सरकार के ऊर्जा और पेट्रो केमिकल्स विभाग के 4 जुलाई 2023 के नए परिपत्र को नामंजूर कर दिया।
किसानों का कहना है कि यह परिपत्र इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 और टेलीग्राफ एक्ट 1885 के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने टेलीग्राफ एक्ट की धारा 10(डी) के तहत क्षतिपूर्ति के प्रावधानों के अनुसार इसमें संशोधन की मांग की। किसानों ने मांग की कि जब तक परिपत्र में आवश्यक सुधार नहीं किए जाते, तब तक इसका अमल रोका जाए।
किसान समिति सदस्य नेहुल अमृतिया ने बताया कि राज्य के 365 गांवोंं की पंचायतों के लेटरहेड पर परिपत्र को अमान्य बताते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
किसान समिति सदस्य निकेत पंचासरा ने बताया कि पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हुईं। महिला समिति सदस्य मित्तल कंडिया ने कहा कि प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे।
जिला कलक्टर ने बताया कि सरकार ने किसानों की मांगों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए एक परिपत्र जारी किया है, जिसमें विभिन्न मुद्दों का समावेश है। उन्होंने कहा कि मार्केट रेट समिति का गठन किया गया है, जिसमें किसान प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। कीमतों में 200 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अन्य मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और सरकारी परिपत्र किसानों के हित में है। उन्होंने किसानों से जल्द अपने प्रतिनिधि नियुक्त करने का आग्रह किया ताकि समय पर मुआवजा मिल सके। कलक्टर ने यह भी बताया कि 100 प्रतिशत मुआवजा मिलने के बाद ही खंभे लगाने का काम किया जाएगा।
Updated on:
14 Jul 2026 09:25 pm
Published on:
14 Jul 2026 09:25 pm
