
Ahmedabad: शहर में ऑटो रिक्शा चालकों की हड़ताल के चलते यात्रियों को आवागमन की संभावित परेशानी के मद्देनजर महानगरपालिका (मनपा) ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया है।
राणीप, साबरमती, वटवा और कालूपुर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है, जबकि विभिन्न मार्गों पर चलने वाली 200 से अधिक नियमित बसों को भी लगाने का दावा किया गया है।
राणीप एसटी बस स्टेशन पर दो कंट्रोलर तैनात किए गए हैं। यहां दो अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, इनके माध्यम से इन्कम टैक्स , नटराज, पालडी, गीतामंदिर और कालूपुर जैसे प्रमुख ट्रांजिट केंद्रों तक यात्रियों को पहुंचाया। राणीप से गुजरने वाले विभिन्न मार्गों की करीब 90 बसें ने कालूपुर, मणिनगर, लालदरवाजा, वासणा और पालडी क्षेत्रों में सेवा दी।फ्लाइंग टीम तैनात कीसाबरमती धर्मनगर रेलवे स्टेशन पर एक स्पेयर चालक और फ्लाइंग टीम तैनात की गई है।
यहां कालुपुर और मणिनगर के लिए दो अतिरिक्त बसें लगाई गई। इसके अलावा क्षेत्र से गुजरने वाली 28 बसें लालदरवाजा, वाडज, मणिनगर और कालूपुर तक यात्रियों को पहुंचा रही हैं। इसी तरह वटवा रेलवे स्टेशन पर एक कंट्रोलर की तैनाती के साथ दो अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। ये बसें गीतामंदिर के रास्ते कालूपुर और मणिनगर तक संचालित की गईं। वहीं क्षेत्र की आठ बसें गीतामंदिर होकर लालदरवाजा तक दौड़ीं। गीतामंदिर पर फ्लाइंग टीम तैनात की गई है। यहां से गुजरने वाली बसों को 15 से 20 मिनट के अंतराल पर संचालित किया। कालूपुर रेलवे स्टेशन पर सारंगपुर केबिन कंट्रोलर के साथ दो फ्लाइंग टीमें तैनात की गई और चार अतिरिक्त बसें लगाई गई
रिक्शा चालकों की हड़ताल के बीच शहर में दौड़ने वाली बीआरटीएस बसों की कमाई में 4.52 लाख रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक ही दिन में यात्रियों की संख्या में भी 33,495 का इजाफा हुआ है।बीआरटीएस प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर को सुबह 6 से रात 7.41 बजे तक 1,02,565 यात्रियों ने बसों में सफर किया था। इससे 14,07,304 रुपए का राजस्व मिला था। इसके मुकाबले मंगलवार (आठ सितंबर) को इसी अवधि में यात्रियों की संख्या बढ़कर 1,36,060 हो गई और राजस्व 18,60,122 रुपए दर्ज किया गया। एक सितंबर के मुकाबले मंगलवार को यात्रियों की संख्या करीब 33 प्रतिशत बढ़ी और बीआरटीएस को 4,52,818 रुपए अधिक राजस्व मिला। रिक्शा हड़ताल के कारण शहर में आवागमन के विकल्प सीमित होने से यात्रियों ने बीआरटीएस व अन्य सार्वजनिक परिवहन का रूख किया है। इसका असर बसों की सवारी के साथ आय पर भी दिखाई दिया।
बीआरटीएस प्रशासन के अनुसार, हड़ताल के दौरान यात्रियों ने बस सेवा को बेहतर विकल्प माना। यदि रिक्शा हड़ताल आगे भी जारी रहती है, तो बीआरटीएस में यात्रियों की संख्या और राजस्व में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।