-शहर पुलिस आयुक्त ने चांदखेड़ा-साबरमती के पूरे क्षेत्र को किया कैटल फ्री एरिया, क्षेत्र में मवेशियों के सड़कों पर घूमते मिलने पर होगी कार्रवाई
Ahmedabad. शहर में वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स होने वाले हैं। वर्ष 2036 के ओलंपिक का भी दावेदार है। इन खेलों के आयोजन का प्रमुख स्थल साबरमती वार्ड में मोटेरा स्थित नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम होने वाला है। इसे देखते हुए शहर पुलिस आयुक्त जी एस मलिक ने नरेन्द्र मोदी स्टेडियम और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को नो कैटल जोन घोषित किया है।
चांदखेड़ा और साबरमती का लगभग पूरा क्षेत्र ही कैटल फ्री एरिया, नो कैटलजोन घोषित किया है। इस क्षेत्र में अब सड़कों पर मवेशियों के मिलने पर पशुपालक पर कार्रवाई की जाए। क्षेत्र के पशु पालकों को अपने पशु का अहमदाबाद मनपा में पंजीकरण कराना, आरएफआईडी टैग लगाना अनिवार्य होगा। अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त मलिक ने गुजरात पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 33 के तहत विशेष आदेश जारी करते हुए चांदखेड़ा-साबरमती को ‘नो कैटल ज़ोन’ घोषित किया है।
सीपी की अधिसूचना के तहत नरेंद्र मोदी स्टेडियम के आसपास का पूरा क्षेत्र और मोटेरा गाम सब्जी मार्केट, संपाद रेसिडेंसी, अतिशय रेसिडेंसी, एसबीआई चार रास्ता, कोटेश्वर रोड, मोटेरा, साबरमती, धर्मनगर रेलवे स्टेशन से रामनगर सब्जी मार्केट तक का क्षेत्र, फिर खोडियार किटली चार रास्ता से मोटेरा, साबरमती का रोड, भूत बंगला, सर्वोत्तम नगर रोड, साबरमती, टोरेन्ट पावर से जवाहरचौक होते हुए भाव सागर तक का क्षेत्र, टोरेन्ट पावर हाउस से झुंडाल सर्कल तक रोड के दोनों तरफ के मार्ग नो कैटल जोन व कैटल फ्री क्षेत्र रहेंगे। इसके अलावा गणेश रेसिडेंसी, विहोतर नगर के अंदर, मानसरोवर चांदखेड़ा, होम टाउन -4 त्रागड रोड, चांदखेड़ा का क्षेत्र, तपोवन सर्कल से झुंडाल सर्कल एसपी रिंग रोड, चांदखेड़ा, चांदखेड़ा गांव, निगम नगर नए पुलिस क्वाटर्स क्षेत्र, चांदखेड़ा और साबरमती डी केबिन शैल गंगा चार रास्ता, सत्संगपार्क के पास चांदखेड़ा का क्षेत्र भी नो कैटल जोन रहेगा।
सीपी की ओर से इस संबंध में 9 जनवरी 2026 को अधिसूचना जारी की गई है। यह आदेश 12 जनवरी 2026 की रात 00:00 बजे से लागू होगा और इस संबंध में अन्य कोई अधिसूचना जारी ना हो तब तक जारी रहेगा। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले पशुपालकों या मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 और गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 131 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।