Ahmedabad विश्व कुष्ठ दिवस के अवसर पर अहमदाबाद सिविल अस्पताल के त्वचा विभाग ने रामश्याम चैरिटेबल मंडल के सहयोग से पुनर्वास, शिक्षा और जनजागरूकता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन का उद्देश्य कुष्ठ रोगियों को सम्मानजनक जीवन देना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था। कार्यक्रम में महिला मरीज को ठेला व […]
Ahmedabad विश्व कुष्ठ दिवस के अवसर पर अहमदाबाद सिविल अस्पताल के त्वचा विभाग ने रामश्याम चैरिटेबल मंडल के सहयोग से पुनर्वास, शिक्षा और जनजागरूकता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन का उद्देश्य कुष्ठ रोगियों को सम्मानजनक जीवन देना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था।
कार्यक्रम में महिला मरीज को ठेला व अन्य मरीज को ट्राइसाइकिल व्हीलचेयर दी गई। त्वचा विभाग की वरिष्ठ डॉ. रीमा जोशी ने कहा कि कुष्ठ रोगियों का पुनर्वास केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर देना भी है।इस अवसर पर एमबीबीएस और फिजियोथेरेपी के विद्यार्थियों ने इंटरैक्टिव सत्र में भाग लिया। क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी, डीन डॉ. मीनाक्षी परिख और रामश्याम चैरिटेबल मंडल की अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल उपस्थित रहे।ज्यादातर मरीज ठीक हुएत्वचा विशेषज्ञ डा. रीमा जोशी ने बताया कि सिविल अस्पताल में पिछले पांच वर्ष में 2000 कुष्ठ रोगी उपचार के लिए आए। इनमें से 1256 मरीज पूरी तरह ठीक हुए। करीब 200 मरीजों में उपचार के बाद लक्षण लौटे, 116 मरीजों को दोबारा कुष्ठ रोग हुआ जिन्हें दवाओं से ठीक किया गया, जबकि 304 मरीजों में विकृति पाई गई।