अहमदाबाद

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को जल्द मिल सकती है मंजूरी

पहली तैयार ट्रेन ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच सफल ट्रायल पूरा किया, आरडीएसओ ट्रायल रन का विश्लेषण करने के बाद अंतिम प्रमाण पत्र जारी करेगा, रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे अहमदाबाद. देश में जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ने के आसार हैं। उसे मंजूरी देने की तैयारी है। […]

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पहली तैयार ट्रेन ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच सफल ट्रायल पूरा किया, आरडीएसओ ट्रायल रन का विश्लेषण करने के बाद अंतिम प्रमाण पत्र जारी करेगा, रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे

अहमदाबाद. देश में जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ने के आसार हैं। उसे मंजूरी देने की तैयारी है। ऐसा होने पर रेल यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेन में आरामदायक यात्रा का अनुभव होगा।
16 डिब्बों वाली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 15 जनवरी को अहमदाबाद-मुंबई रेल खंड पर 540 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के कठोर परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई ने पिछले साल 17 दिसंबर को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा किया था। एक पखवाड़े के भीतर ट्रेन को कोटा डिवीजन में लाया गया।

गत माह छोटी दूरी पर भी सफल परीक्षण

पिछले महीने के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक 30 से 40 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए उच्च गति से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। जहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफलता पूर्वक ट्रायल किया।
इसके साथ ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आने वाले दिनों में लोगों को रात भर की बेहतर यात्रा कराने को तैयार हो गई हैं। भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले आरडीएसओ ट्रायल रन का विश्लेषण होना है। उसके बाद अंतिम प्रमाणपत्र जारी होगा। यह प्रमाण पत्र मिलते ही रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे।

साल के अंत तक नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण के बाद आईसीएफ चेन्नई इस साल अप्रेल से दिसम्बर के बीच नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन देगी। ये ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए दक्षता और सुविधा के मामले में नए मानक स्थापित करेंगी।

मेक इन इंडिया पहल, आरामदायक बर्थ

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजों, आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाईफाई और विमान जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। मेक इन इंडिया पहल के तहत डिज़ाइन और निर्मित यह ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और रेल यात्रा में बदलाव लाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

ट्रेन में तीन श्रेणियां, 1128 यात्रियों की क्षमता

ट्रेन में 16 डिब्बे हैं जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। एसी प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर डिब्बों में कुल क्षमता 1,128 यात्रियों की है। ट्रेन में क्रैश बफ़र्स, विरूपण ट्यूब और अग्नि अवरोधक दीवार, स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाईफाई है।

Published on:
07 Feb 2025 10:14 pm
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