
आंख अस्पताल अहमदाबाद
अहमदाबाद -Ahmedabad-- शहर में इन दिनों छोटे-छोटे कीटों का उपद्रव बढ़ने लगा है। खासकर शाम के समय दुपहिया वाहन पर चलते हुए ये कीट वाहन चालक के मुंह, आंख में घुस जाते हैं। कपड़ों पर चिपक जाते हैं। इससे लोगों को असुविधा तो होती ही है, दुर्घटना की स्थिति के साथ आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।अहमदाबाद के सिविल मेडिसिटी कैंपस के एम. एंड जे. आइ. इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डाॅ. सोमेश अग्रवाल ने बताया कि जब ये कीट आंख में चले जाते हैं तो लोग अक्सर रुमाल या उंगली से उन्हें निकालने की कोशिश करते हैं। यह तरीका बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे आंख में संक्रमण शुरू हो सकता है। आंख लाल हो जाती है और कई बार सूजन भी आ जाती है।
डाॅ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि इस इंस्टीट्यूट में इन दिनों सप्ताह में पांच से सात ऐसे केस सामने आ रहे हैं। इसके अलावा कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) के भी कुछ मरीज आने लगे हैं।
डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर आंखों में डाल लेते हैं। समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब अनजाने में स्टेरॉयड वाली दवा इस्तेमाल कर ली जाती है। इससे आंख की पुतली पर सूजन और अन्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
कीट जाने पर पानी से आंख धोना हितकरडा. अग्रवाल के अनुसार यदि आंख में कीट चला जाए तो उसे पानी से धोना सबसे सुरक्षित तरीका है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नेत्र चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल में फिलहाल प्रति सप्ताह इस तरह के पांच से सात मामले सामने आ रहे हैं।
आंख में कीट जाने पर तुरंत साफ पानी से धोएं। परेशानी बढ़े तो नेत्र चिकित्सक से संपर्क करेंवाहन चलाते समय हेलमेट, चश्मे का उपयोग करें। उनके अनुसार उंगली या रुमाल से कीट निकालने की कोशिश न करें और बिना डॉक्टर की सलाह के इस तरह की समस्या का उपचार न करें।
Published on:
19 Jan 2026 11:01 pm
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