दानपेटियों में दरगाह आने वाले जायरीन बतौर डालते हैं नजराना,हर दो माह में खोली जाती है दानपेटियां,नवम्बर व दिसम्बर माह की निकाली गई दानराशि
अजमेर. ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में देश-विदेश से हर साल लाखों जायरीन आते हैं। जो यहां रखी 18 दानपेटियों में नजराना बतौर नकदी व सिक्के डालते हैं। नए साल की 9 तारीख को दानपेटियां खोली गई। इनमें नवम्बर व दिसम्बर माह के करीब19 लाख रुपए चढ़ावे के रूप में मिले हैं। इनमें विदेशी मद्रा भी शामिल है।
दरगाह कमेटी दानपेटियां प्रत्येक दो महीने बाद खोलती है। दरगाह के नाजिम शकील अहमद के मुताबिकदानपेटियों से निकली राशि को बैंक खाते में जमा कराया जाता है। यह राशि दरगाह के भवनों की मरम्मत और जायरीन की सुविधाओं के लिए खर्च की जाती रही है।
हाईकोर्ट ने दिए थे आदेश
दो साल पहले दरगाह कमेटी को पेटियां खोलने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे। तत्कालीन नाजिम लेफ्टिनेंट कर्नल मंसूर खान की मौजूदगी में राशि की गिनती कराई गई। इसमें नोटबंदी के दौरान बंद हुए ५०० और १००० के नोट भी मिले थे।
दीवान-खादिम की भी हैं पेटियां
परिसर में दरगाह दीवान और खादिमों की भी दानपेटियां रखी हैं। इनमें आने वाला नजराना दरगाह दीवान और खादिमों के हिस्से में आता है।