आयुर्वेद रसायनशालाओं में बनेगी अब 64 औषधियां

आयुर्वेद विभाग की बारां जिले के केलवाड़ा स्थित आयुर्वेद फार्मेसी में औषधि बनाने के लिए मशीनों की खरीद हो

2 min read
Apr 28, 2016
ajmer

अजमेर।आयुर्वेद विभाग की बारां जिले के केलवाड़ा स्थित आयुर्वेद फार्मेसी में औषधि बनाने के लिए मशीनों की खरीद हो गई है। आगामी माह के अंत तक औषधियों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे औषधियों की संख्या 52 के बढ़कर 64 हो जाएगी।

प्रदेश में अजमेर, भरतपुर, जोधपुर, उदयपुर की आयुर्वेद फार्मेसी में 13-13 औषधियां बन रही हैं। केलवाड़ा की फार्मेसी में 12 औषधि बनाई जाएगी। इससे पांचों आयुर्वेद फार्मेसी में औषधियों की संख्या बढ़कर 64 हो जाएगी। विभाग की ओर से मशीनों की खरीद के लिए 10 लाख रुपए का बजट जारी किया गया था। इसके चलते मशीनों की खरीद प्रकिया पूरी हो चुकी है। आगामी दिनों में औषधि निर्माण का लाइसेंस मिलते ही औषधि बनाने के काम आने वाली कच्ची सामग्री की खरीद प्रारंभ की जाएगी। यहां बनने वाली औषधियों को राज्य के आयुर्वेद चिकित्सालय और औषधालयों में भेजा जाता है। इसकी संख्या 3500 से अधिक है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से बजट में बढ़ोतरी नहीं करने के कारण पूर्व में ही औषधियों का निर्माण बामुश्किल हो पाता है।

शीघ्र जारी होगी निविदा

औषधियों के निर्माण के लिए कच्ची सामग्री खरीद के लिए निविदा आमंत्रित की जाती है। विभाग का दावा है कि 2016-17 में औषधियों के निर्माण के लिए आगामी माह में निविदा आमंत्रित कर जून में औषधियों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे पहले वित्तीय वर्ष के अंत में निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया प्रारंभ होती थी और आगामी वित्तीय वर्ष में औषधियों का निर्माण प्रारंभ होता था। वर्तमान में भी यही स्थिति है, लेकिन विभाग ने इस बार वित्तीय वर्ष की शुरूआत में ही टेण्डर आमंत्रित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

मौसमी बीमारियों के लिए अलग से बजट

विभाग ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए औषधि निर्माण के लिए अलग से बजट जारी किया है। गत कुछ वर्षों से स्वाइन फ्लू, डेगूं और मलेरिया आदि मौसमी बीमारी का प्रकोप होने के कारण विभाग की ओर से काढ़ा आदि का वितरण किया जाता था। विभाग ने इस बार पहले से ही इसके लिए अलग से बजट आवंटित कर दिया है।
केलवाड़ा फार्मेसी में 12 औषधियों का निर्माण होगा। पांचों फार्मेसियों में औषधियों की संख्या अब 64 हो जाएगी।
विनीता श्रीवास्तव, निदेशक आयुर्वेद निदेशालय

Published on:
28 Apr 2016 05:24 am
Also Read
View All