हरियाणा व गुजरात दोनों राज्यों में शराबबंदी है। इसके बावजूद यहां बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी हो रही है। पड़ोसी राज्यों से यहां तस्करी के जरिए शराब की खेप पहुंचाने के पुलिस ने कईं मामले पकड़े हैं।
अजमेर/ब्यावर. शराब की तस्करी से करोड़ों रुपए का कारोबार जारी है। शराब माफियाओं का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि शराब निर्माण से लेकर परिवहन, सप्लाई और खपत घटने की बजाए बढ़ रही है। गुजरात व हरियाणा में शराबबंदी है। इसके बावजूद यहां बड़े पैमाने पर शराब का कारोबार हो रहा है। ब्यावर सदर थाना पुलिस ने शनिवार को हरियाणा से गुजरात ले जाई जा रही पचास लाख रुपए की मत की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने हरियाणा निर्मित 800 पेटियां जब्त की। यह एक्सपोर्ट की आड में शराब की तस्करी कर रहे थे।
सरमालिया तिराहे पर नाकाबंदी
सदर थाना पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि अजमेर की ओर से आ रहे ट्रक में शराब की खेप है। यह हरियाणा से गुजरात जा रही है। सूचना पर सदर थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह जोधा ने मय टीम के सरमालिया तिराहे पर नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध ट्रक को रुकवाकर पूछताछ की गई। तब गांव खडीन तहसील रामसर जिला बाड़मेर निवासी चालक मुकेश ने पुलिस को बताया कि ट्रक में एक्सपोर्ट का माल भरा है। चालक ने ट्रक पर प्लास्टिक की सील लगा रखी थी।
ट्रक में हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब की 800 पेटियां
पुलिस ने ट्रक पर लगी सील हटवाकर तलाशी ली तो पाया कि ट्रक में हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब की 800 पेटियां भरी हुई थी। इस पर पुलिस ने शराब की पेटियां जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब्त शराब की कीमत 50 लाख रुपए आंकी है। पुलिस टीम में सदर थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह जोधा, सहायक पुलिस निरीक्षक माणकचंद, कांस्टेबल शेरसिंह, गोपीराम तथा राजूराम आदि शामिल रहे।