
पहाड़ी ( भरतपुर ).
अलवर की एसीबी टीम ने गुरुवार को पंचायत समिति पहाड़ी में कार्रवाई कर तकनीकी सहायक (जेटीए) को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। उसने यह रिश्वत पंचायत समिति पहाड़ी की ग्राम पंचायत घाटमीका में मनरेगा के तहत पूर्व सरपंच इकबाल खां के कार्यकाल में इन्टरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य की सीसी जारी करने की एवज में ली।
पूर्व सरपंच खां के कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत इन्टरलॉकिंग सड़क निर्माण समेत अन्य विकास कार्य हुए थे। उस समय गांव गाजूका निवासी एमडी खान तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था, जो अभी भी पदस्थापित है।
निर्माण कार्य पूरा होने पर जारी मस्टररोलों का भुगतान कर दिया गया, लेकिन तकनीकी सहायक खान ने हाल में पंचायत चुनाव में नए सरपंच बनने के बाद भी तय घूस पूरी नहीं मिलने पर सीसी जारी नहीं की। पूर्व सरपंच ने गत 3 मार्च को अलवर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (द्वितीय) में शिकायत की।
ब्यूरो ने गत 6 मार्च को सत्यापन कराया, जिसमें 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। सौदा 30 हजार रुपए में तय हो गया। तकनीकी सहायक खान ने पूर्व सरपंच को गुरुवार को रिश्वत की राशि के साथ बुलाया। एसीबी अलवर के पुलिस उपाधीक्षक सलेह मोहम्मद के नेतृत्व में टीम पहाड़ी पंचायत समिति पहुंच गई।
पूर्व सरपंच इकबाल खान ने बताए स्थान पर तकनीकी सहायक एमडी खान को 30 हजार रुपए रिश्वत राशि दे दी। इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने आरोपी को रंगे हाथ धरदबोचा और रिश्वत राशि 30 हजार रुपए उसकी पेंट की पीछे की जेब से बरामद कर ली। हाथ धुलवाने पर गुलाबी रंग आ गया। बाद में एसीबी टीम ने आरोपी से कमरे में कई घंटे तक पूछताछ की। कार्रवाई में एसीबी के लोकेश, हरिशंकर, सुनील कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, राकेश कुमार, निहाल सिंह, लल्लूराम आदि शामिल थे।
इन पंचायतों का है चार्ज
कार्यवाहक विकास अधिकारी राजीव जैन ने बताया कि तकनीकी सहायक खान पर ग्राम पंचायत घाटमीका के अलावा सोमका, सतवाडी, खंडेवला, लाडलका, कठोल, जोतरूहला, मूंगसका ग्राम पंचायतों का भी चार्ज है।
कार्रवाई से मचा हड़कंप
एसीबी की कार्रवाई से पंचायत समिति कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। इससे पहले भी जब भी किसी ग्राम विकास अधिकारी व तकनीकी सहायक की शिकायत मिलती है तो उसका इधर से उधर तबादला कर मामला शांत कर दिया जाता है। ज्यादातर शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना समेत अन्य योजनाओं में आती हैं।
मनरेगा में हुए विकास कार्यों की सीसी जारी करने की एवज में तकनीकी सहायक ने 30 हजार मांगी थी। उसे रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को एसीबी कोर्ट भरतपुर में पेश किया जाएगा।
सलेह मोहम्मद, उपाधीक्षक एसीबी अलवर