एडीए को होगा अब सालाना 6 लाख रुपए का फायदा कम्प्यूटर परेटर सप्लाई ठेके का मामला
भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. एक तरफ मंहगाई आसमान छू रही है और हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं, बढ़ती मंहगाई से लोग परेशान है। इस बीच अजमेर विकास प्राधिकरण के लिए जुलाई का महीना बड़ी राहत लेकर आया है। प्राधिकरण को अब एक कम्प्यूटर ऑपरेटर पर प्रतिमाह 1104 रुपए के कमीशन (सर्विसचार्ज) के स्थान पर सप्लायर फर्म को केवल १ पैसा ही देना होगा। कम्पनी 30 कम्यूटर ऑपरेट मैन विथ मशीन सप्लाई देगी। सुनने में यह भले ही हैरत की बात लग रही हो लेकिन यह सच है। प्राधिकरण ने जयपुर की फर्म आर.एस. इंटरप्राइजेज को कम्प्यूटर ऑपरेटर सप्लाई का ठेका एक पैसे में दे दिया है। इसके लिए फर्म को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिया है, यह सोमवार से प्राधिकरण का काम संभालेगी। यह फर्म प्राधिकरण को मैन विद मशीन के साथ 30 कम्प्यूटर ऑपरेटर उपलब्ध करवाएगी। प्राधिकरण सरकार की तय रेट के हिसाब से कम्प्यूटर ऑपरेटर को भुगतान करेगा, लेकिन सप्लायर कम्पनी केवल 1 पैसा ही कमीशन लेगी। जबकि इससे पहले प्रति ऑपरेटर प्रतिमाह 1104 रुपए का कमीशन प्राधिकरण से लिया जा रहा था। यह दर प्रचलित दरों में सर्वाधिक थी। वहीं कम्प्यूटर कम्पनी के ना होकर प्राधिकरण के ही थे।
6 लाख के स्थान पर अब देने होंगे केवल 3 रुपए
प्राधिकरण को पूर्व की सप्लायर कम्पनरी को 30 कम्प्यूटर ऑपरेटर सप्लाई के पेटे सालाना ६ लाख रुपए केवल कमीशन के रूप में सप्लायर कम्पनी को देने पड़ रहे थे जबकि अब साल में केवल ३ रुपए ही खर्च करने पड़ेंगे और कम्प्यूटर तथा उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण के जिम्मे न होकर फर्म के जिम्मे होगी।
अब आधुनिक कम्प्यूटर
अजमेर विकास प्राधिकरण में कंप्यूटर ऑपरेटर का ठेका जहां प्रति ऑपरेटर 1104 रुपए मैं उदयपुर की एक कंपनी में ई कनेक्ट को दे रखा था। अब यही ठेका जयपुर की एक फर्म आर एस इंटरप्राइजेज को एक पैसे में दिया गया है इससे एडीए के वार्षिक खर्चे में लगभग ६ लाख रुपए की बचत हुई है। इतना ही नहीं एडीए में कंप्यूटर भी इसमें मांगे गए थे जो कि अत्याधुनिक आई -5 टेक्नोलॉजी के है। यह सब भी एक पैसे में होगा।
50 लाख का काम भी अब 8लाख में
एडीए ने पूर्व में सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस का ठेका भी कंपनी का50 लाख रूपए में दे रखा था। यह भी काम भी अब केवल 8 लाख रुपए सालान में हो रहा है। सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर सप्लाई के ठेके को और पारदर्शी तथा दरें कम करने के लिए प्राधिकरण की पूर्व आयुक्त रेणु जयपाल ने प्रयास शुरु किए थे वर्तमान आयुक्त अक्षय गोदारा ने भी मामले में सख्ती बरती। पूर्व के कार्यो की जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी है। कई कार्मिकों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।