कर्मचारियों को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा इसके लिए प्राधिकरण प्रशासन जिम्मेदार है।
सातवें वेतनमान को लेकर मंगलवार को अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकरी सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने पूर्व ही हड़ताल को नोटिस दे दिया था लेकिन उन्हें सातवें वेतनमान का भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते एडीए की मुसीबतें बढऩे के आसार हैं।
कर्मचारियों के अनुसार प्राधिकरण के कर्मचारियों का राय सरकार द्वारा स्वीकृत सातवें वेतन आयोग से संबंधित परिलाभ लागू कर दिसम्बर 2017 के वेतन में सम्मिलित कर भुगतान कर दिया गया था। लेकिन राय सरकार के नगरीय विकास विभाग व वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त न होने पर प्राधिकरण द्वारा सातवें वेतन के स्थान पर छठे वेतन आयोग का परिलाभ दिया गया है, जो सर्वथा अनुचित है।
एक बार परिलाभ देकर कम करना न्यायोचित नहीं है। कर्मचारी संघ द्वारा प्राधिकरण प्रशासन को समय- समय पर निवेदन कर आगाह करने के उपरांत भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कर्मचारियों को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा इसके लिए अजमेर विकास प्राधिकरण प्रशासन जिम्मेदार है।
जयपुर व जोधपुर ने दिया, हमारे साथ भेदभाव
कर्मचारियों के अनुसार जोधपुर विकास प्राधिकरण जोधपुर एवं जयपुर विकास प्राधिकरण जयपुर में सातवें वेतन आयोग प्रभावी हो चुका है एवं एरियर इत्यादि का भुगतान भी किया जा चुका है। अजमेर विकास प्राधिकरण कर्मचारी संघ के सचिव ललित किशोर चतुर्वेदी के अनुसार एडीए कर्मचारियों सातवां वेतनमान नहीं दिया जा रहा है इससे कर्मचारियों में असंतोष है।
कामकाज ठप
कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से एडीए में कामकाज ठप हो गया। अपने भूमि सम्बन्धित काम से एडीए आने वालों को निराश लौटना पड़ा। एडीए की सभी शाखाओं व कार्यालयों में ताले लटके नजर आए।
यूनिवर्सिटी में भी इंतजार
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में भी कर्मचारियों को सातवां वेतनमान नहीं मिल पाया है। कर्मचारी पिछले तीन महीने से वेतनमान लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। इसको लेकर पिछले दिनों कर्मचारियों ने वित्त विभाग के अधिकारियों का घेराव भी किया था। इसके बावजूद स्थितियां नहीं बदल पाई हैं। कर्मचारी आगामी दिनों में कामकाज को ठप करने की योजना बना रहे हैं। ऐसा हुआ तो विश्वविद्यालय की परीक्षा और अन्य कार्य प्रभावित हो सकते हैं।