अजमेर

अजमेर की बेटी करेगी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा, कुछ यूं हुआ पुलिस सेवा में चयन

महिलाओं की सुरक्षा एवं उन पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कुछ करने को तैयार है।

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May 01, 2018
ajmer girl select in delhi police

महिला एवं बेटियों का दर्द अगर कोई अच्छी तरह समझ सकता है वह नारी शक्ति ही है। देश की राजधानी दिल्ली में मासूम बच्चियों के साथ रेप एवं महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं ने झकझोर दिया। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हर महिला चिंतित है। अजमेर की एक लाडली शीतल दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा एवं उन पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कुछ करने को तैयार है।

अजमेर में श्रमिक परिवार में जन्मी एवं पली-बढ़ी जादूघर बस्ती निवासी शीतल गोडवाल ने दिल्ली पुलिस की एसआई परीक्षा उत्तीर्ण की। साक्षात्कार एवं मेडिकल में भी सफलता हासिल की है। जल्द उन्हें नियुक्ति मिलने की संभावना है। वार्ड 44 के निवासी पिता सुरेन्द्र कुमार खुद कारीगर हैं एवं माता ललिता ने बीड़ी बनाकर कुछ आय अर्जित कर बेटी को पढ़ाया।

शीतल ने पहले अजमेर इंजीनियरिंग कॉलेज से वर्ष 2016 में बी.टेक किया। उसके बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। हाल ही उन्होंने दिल्ली पुलिस की सब इंस्पेक्टर की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की, साक्षात्कार के बाद मेडिकल भी हो चुका है।

शीतल बताती हैं कि वह बच्चियों के साथ रेप की घटनाओं से व्यथित हैं। वह चाहती हैं कि दिल्ली पुलिस में बतौर महिला सब इंस्पेक्टर के महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा के लिए कुछ करूं। महिला एवं बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस के रूप में तो वे ठोस कदम उठाएंगी ही, मगर इसके लिए आमजन में जागरुकता व महिला संगठनों को भी भागीदार बनाकर ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासनिक सेवा का सपना, जुटीं हैं तैयारी में

शीतल का सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के नीचे के तबके का उत्थान, समाज के हर वर्ग को सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। शीतल प्रतिदिन करीब 6-7 घंटे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। वह तोपदड़ा स्थित पुस्तकालय में प्रतिदिन पहुंचकर तैयारी कर रही हैं।

श्रमिक परिवार की मेहनत दिखाने लगी रंग

माता-पिता ने खुद खुली मजदूरी एवं बीड़ी बनाकर बेटी को पढ़ाया। मजदूरी करके आर्थिक तंगी की हालत से बाहर निकल कर उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर फोकस रखा। यही वजह ही कि शीतल गरीब परिवारों की व्यथा एवं परेशानियों को समझती हैं। टेलेन्ट घर-घर में है मगर उन्हें शिक्षा का मार्ग दिखाया जाए, बेटियों को पढ़ाया जाए तो वे हर मुकाम को हासिल कर सकती हैं।

Published on:
01 May 2018 09:05 am
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