Ajmer Human Angle Story : अजमेर में जवान बेटे की मौत के बाद हर तरफ उदासी का माहौल था। पर इसी बीच एक विवाद मौके पर उठ गया कि बेटे का अंतिम संस्कार मां करेगी या पिता। जानें क्या था माजरा?
Ajmer Human Angle Story : अजमेर के पहाड़गंज खटीक मोहल्ला में रविवार रात को संदिग्ध हालात में फंदे पर लटके युवक की मौत के बाद टूटे रिश्ते फिर से याद आ गए। पत्नी और बच्चों को छोड़ चुका पति और पिता बेटे का शव लेने पहुंच गया। मृतक के पिता और मामा में तनातनी पर गमगीन माहौल गर्मा गया। आखिर रामगंज थाना पुलिस ने कानून की राह अपनाते हुए मृतक की मां को शव सुपुर्द किया।
पुलिस के अनुसार 15 फरवरी रात करीब 9 बजे नितिन पहाड़गंज खटीक मोहल्ला स्थित घर में फंदे पर लटका मिला। परिजन ने दरवाजा तोड़कर उसको नीचे उतारकर जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले गए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
सोमवार सुबह अस्पताल की मोर्चरी में नितिन के पिता महेंद्र सामरिया भी बेटे की मौत की सूचना पर मोर्चरी पहुंच गए। वर्षों से अलग रह रहे महेन्द्र सामरिया ने बेटे नितिन का शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाने का दावा किया तो माहौल गर्मा गया। इसी दौरान मृतक के मामा प्रवीन नागौरा ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि अंतिम निर्णय उनकी बहन, यानी नितिन की मां रेणु की इच्छा से ही होगा।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि करीब 10 साल पहले महेंद्र और रेणु का तलाक हो चुका था। तलाक के बाद रेणु दोनों बेटों नीरज उर्फ नितिन और छोटे बेटे देव को लेकर पीहर आ गई थी। जहां उसने सिलाई कर उसने बच्चों को पाला। नितिन दरगाह इलाके में होटल में काम कर मां का सहारा बन रहा था। स्थिति को संभालने के लिए रामगंज थाने के एएसआई शिव कुमार व हेड कांस्टेबल सुनील कुमार ने रेणु को मोर्चरी बुलवाया। बेटे की मौत की खबर से बेसुध रेणु को परिजन सहारा देकर अस्पताल लाए। जहां रेणु की मर्जी से शव उसको सुपुर्द किया।
इधर पुलिस ने रेणु की कोर्ट की डिक्री का हवाला देते हुए अंतिम संस्कार का अधिकार भी बेटे की मां का बताया। आखिर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने नितिन का शव मां के सुपुर्द कर दिया। जबकि उसका पिता कुछ दूरी पर खामोशी से खड़ा रहा।