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Jaipur Crime : माता-पिता चाय की थड़ी पर मजदूरी करते थे और बेटा टैक्सी चलाने की आड़ में एमडी ड्रग्स व कॉल गर्ल सप्लायर बन गया। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की गिरफ्त में आए भीलवाड़ा निवासी हरिओम प्रजापत ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
आरोपी के अनुसार, टैक्सी चलाने के दौरान वह ऐसी महिला ग्राहकों के संपर्क में आया, जो फार्म हाउस और होटलों में अनैतिक कार्यों के लिए जाती थीं। कम दूरी के बदले मोटी रकम मिलने के लालच ने उसे इस दलदल में धकेल दिया। हरिओम प्रजापत ने बताया कि वह कॉल गर्ल की सप्लाई के साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी करने लगा। उसके ग्राहकों में बंगाल और दिल्ली से आने वाली महिलाएं भी शामिल थीं। आरोपी मात्र चौथी पास है और जयपुर के वर्धमान नगर क्षेत्र में किराए पर रहकर नेटवर्क चला रहा था। इससे पहले महेश नगर थाना पुलिस ने आरोपी के भाई को भी तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था।
हरिओम एमडी ड्रग्स की एक खुराक 500 रुपए में बेचता था, जबकि देह व्यापार के लिए रकम ग्राहक की हैसियत के अनुसार तय करता था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने संदिग्ध टैक्सी चालकों पर पैनी नजर रखना शुरू कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने माता-पिता के साथ जयपुर रोजगार की तलाश में आया था। माता-पिता आज भी चाय की थड़ी पर बीड़ी-गुटखा बेचकर गुजर-बसर कर रहे हैं। उसने ड्राइविंग सीखी, पहले दूसरों की गाड़ियां चलाईं और बाद में फाइनेंस पर कार खरीदकर टैक्सी चलाने लगा। टैक्सी में बैठने वाली कॉल गर्ल्स के माध्यम से उसे एमडी ड्रग्स और देह व्यापार के नेटवर्क की जानकारी मिली।
टैक्सी चालक ही मादक पदार्थ व कॉल गर्ल की सप्लाई कर रहा था। आरोपी का भाई भी टैक्सी चलाता था। अब संदिग्ध टैक्सी चालकों पर भी नजर रखी जाएगी।
राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर
Published on:
11 Feb 2026 07:31 am
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