
Jagan Gurjar Murder Case: अजमेर। हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के बाद दस्यु जगन गुर्जर के शव के पोस्टमार्टम को लेकर मंगलवार सुबह शुरू हुआ गतिरोध आखिर ग्यारह घंटे बाद देर शाम समाप्त हो गया। दिनभर कई दौर की वार्ता विफल रहने के बाद शाम करीब 6 बजे पुलिस प्रशासन और गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों के बीच लिखित सहमति बन गई। इसके बाद शाम 7 बजे जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम शुरू किया।
जगन गुर्जर के शव के पोस्टमार्टम को लेकर मंगलवार सुबह से ही मोर्चरी परिसर में गुर्जर समाज के लोगों का धरना शुरू हो गया था। सुबह आठ बजे दस्यु जगन गुर्जर का पुत्र आशाराम, उसके मित्र प्रहलाद खटाना सहित समाज के लोग मोर्चरी पहुंचे। इसके बाद प्रदेशभर से आए गुर्जर समाज एवं अन्य समाज के लोगों ने मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया।
दिनभर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की वार्ता की, लेकिन प्रारंभिक प्रयास सफल नहीं हो सके। कोतवाली थाना प्रभारी अनिल देव कल्ला, सीओ साउथ मनीष बड़गूजर, सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभूसिंह, तहसीलदार ओम लखावत, सीओ नॉर्थ शिवम जोशी और आखिर में एएसपी(सिटी) हिमांशु जांगिड़ ने अलग-अलग समय पर समझाइश की।
दोपहर 3 बजे कुछ मांगों पर सहमति बनने के संकेत मिले, लेकिन बातचीत फिर भी निर्णायक नहीं हो सकी। शाम करीब सवा पांच बजे गुर्जर समाज का प्रतिनिधिमंडल एएसपी सिटी कार्यालय पहुंचा, जहां करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद पुलिस-प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौता हुआ।
जिसे जगन के बेटे आशाराम ने भी मान लिया। वार्ता में जगन गुर्जर का पुत्र आशाराम, मित्र प्रहलाद खटाना, गुर्जर नेता हरिसिंह गुर्जर, नौरत गुर्जर, मंदिर समिति के अध्यक्ष हरचन्द खटाना सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे। लिखित सहमति के बाद शाम 7 बजे एडीएम (सिटी) नरेन्द्र मीणा एवं एएसपी (सिटी) हिमांशु जांगिड़ की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड ने जगन गुर्जर के शव का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया।
उधर , धौलपुर में जगन गुर्जर की हत्या को लेकर मंगलवार दोपहर परिजन व अन्य ग्रामीण जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी और एसपी विकास सांगवान से मिले और पत्र सौंपते हुए अजमेर जेल में बंद भाई पप्पू गुर्जर की जान को खतरा बताया और उसे धौलपुर जेल में शिफ्ट करने की मांग की। कहा कि उसे पहले ही अजमेर जेल में पहले जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। पत्र में घटनाक्रम की सीबीआइ से जांच की मांग भी दोहराई। डीएम व एसपी ने अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर की पत्नी कृष्णा और बहन गुड्डी समेत अन्य परिजनों ने करीब 15 मिनट अकेले में वार्ता की और निष्पक्ष जांच भरोसा दिया।