
डकैत जगन गुर्जर हत्या मामला। फोटो पत्रिका
अजमेर। घुघरा हाई सिक्योरिटी जेल में विचाराधीन बंदी डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में परिजनों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में जेल प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाए। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, जेल सीसीटीवी फुटेज की जांच व परिवार और अन्य बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सैकड़ों लोगों के साथ धरने पर बैठे जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार ओमसिंह लखावत को सौंपा। ज्ञापन में वारदात की निष्पक्ष जांच करवाने व दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उसने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जगन गुर्जर की हत्या जेल के एक अन्य बंदी विष्णु उर्फ बौना और उसके साथियों ने कथित रूप से जेल प्रशासन की मिलीभगत से की है।
उनका कहना है कि घटना पूर्व दोनों बंदियों के बीच विवाद की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने उन्हें अलग नहीं किया। साथ ही घटना के दौरान जेल में मौजूद अन्य बंदियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। ज्ञापन मुख्यमंत्री के अलावा पुलिस महानिदेशक जेल, पुलिस उपमहानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज व पुलिस अधीक्षक अजमेर को भी भेजा गया है।
परिजनों ने मांग की है कि घटना के समय जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराई जाए। घटना के दौरान कैमरे बंद थे तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया जाए।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अंतिम मुकदमे में जमानत मिलने के बाद भी जगन गुर्जर को 7 दिन तक थाने में रखा गया, इस दौरान परिवार और वकील से मिलने नहीं दिया तथा बाद में आर्म्स एक्ट के एक अन्य मामले में गिरफ्तार दिखाकर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया। पूरे घटनाक्रम की जांच कर संबंधित थानाप्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
परिजनों ने जेल में बंद जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर तथा अन्य भाइयों को सुरक्षा की दृष्टि से धौलपुर जेल स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिवार, बच्चों और परिजनों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि उसके परिवार को अभी भी धमकियां मिल रही हैं।
ज्ञापन में मामले की सीबीआई जांच कराने, गवाहों के वीडियो रिकॉर्डेड बयान लेने, घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद जेल अधीक्षक व अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने व उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा परिजनों ने मांग की है कि पोस्टमार्टम से पहले पप्पू गुर्जर को धौलपुर जेल स्थानांतरित किया जाए तथा अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। मृतक के पुत्र आशाराम की चाचा पप्पू गुर्जर से मुलाकात कराने और उसे भी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग ज्ञापन में शामिल है।
Updated on:
30 Jun 2026 02:56 pm
Published on:
30 Jun 2026 02:53 pm
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