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Jagan Gurjar Murder: अजमेर की हाई सिक्यॉरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या, साथी बंदी ने गमछे से गला घोंटा

Dacoit Jagan Gurjar Murder: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से सोमवार को एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आई है। धौलपुर के कुख्यात और चंबल के खूंखार डकैत रहे जगन गुर्जर की जेल के भीतर ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई है।
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dacoit jagan gurjar

कुख्यात डकैत जगन गुर्जर। फाइल फोटो पत्रिका

Dacoit Jagan Gurjar Murder: अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार दोपहर को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। धौलपुर के कुख्यात और चंबल के खूंखार डकैत रहे जगन गुर्जर की जेल के भीतर गला घोंटकर हत्या कर दी गई है। प्रारंभिक प्रड़ताल में बैरक नम्बर 2 में साथी बंदी भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने गमछे से गला घोंटकर हत्या करना कबूल किया है। दोनों करीब तीन माह से एक बैरक में बंद थे। न्यायिक अधिकारी, पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। एफएसएल व एमओबी की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए है।

सिविल लाइंस थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। न्यायिक अधिकारी ने घटनास्थल का जायजा लिया। देर शाम जगन के शव को कड़े सुरक्षा पहरे में जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। उसके परिजन के अजमेर पहुंचने के बाद शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले में न्यायिक जांच की जा रही है।

हत्या से पहले खेला लूडो

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि जगन मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक नम्बर 2 में बंद था, जबकि विष्णु करीब तीन साल से कुलदीप जघीना हत्याकांड में जेल में निरुद्ध है। दोनों तीन माह से साथ थे। सोमवार सुबह दोनों जेल के सीसीटीवी फुटेज में बैरक की सफाई करते नजर आ रहे हैं। फिर साथ में लूडो खेला। इसके बाद नियमानुसार दोपहर 11 बजे बंदियों की बैरक बंद कर दी गई। दोपहर 3 बजे संतरी ने चाय के लिए बैरक खोली तो जगन नहीं उठा। संतरी के देखने पर जगन मृतावस्था में पाया।

भारी पुलिस अमला मौजूद

वारदात की सूचना मिलते ही अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़, गणेश राम, डिप्टी नॉर्थ मनीष बडगूजर और सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत दलबल के साथ जेल पहुंचे। वहीं, जेल प्रशासन की ओर से हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारसमल जांगिड़, अजमेर सेंट्रल जेल अधीक्षक और अनंतेश्वर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति संभाली।

FSL और MOB की टीमों ने खंगाला घटनास्थल

हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर वारदात की भनक लगते ही फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (MOB) की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया। टीमों ने जेल और आसपास के पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में लेकर घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स, फुटप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।

कौन है जगन गुर्जर?

राजस्थान में दहशत का पर्याय बना जगन गुर्जर धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र के भवुतीपुरा का रहने वाला था। साल 1994 में उसके जीजा की हत्या हो गई थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने गांव के ही एक आदमी की हत्या कर दी थी। फिर पुलिस से बचने के लिए अपनी पत्नी और तीन भाइयों के साथ मिलकर चंबल के बिहड़ों में शरण ली और खुद की गैंग बना ली। जगन ने सात साल तक राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले चंबल में खूब आंतक मचाया था।